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काशी विश्वनाथ धाम को लेकर सीएम योगी का सख्त निर्देश, श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नही

काशी विश्वनाथ
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वाराणसी (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दौरान अधिकारियों को श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या कुप्रबंधन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इसका कड़ा आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए कि मंदिर और आसपास की व्यवस्थाओं में ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आना चाहिए जो श्रद्धालुओं की श्रद्धा को ठेस पहुँचाए या उनके दर्शन की शांति में बाधा डाले।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर हैं। रविवार को सर्किट हाउस स्थित सभागार में उन्होंने विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें मंदिर प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने बैठक में काशी विश्वनाथ धाम और कॉरिडोर के आसपास श्रद्धालुओं के बेहतर अनुभव के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान

सीएम ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम में दर्शनार्थियों के साथ दुर्व्यवहार, किसी भी तरह की कुप्रथा या अनुचित व्यवहार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने पुलिस और मंदिर प्रशासन को व्यवस्था में सुधार लाने और तैनात कर्मियों को ऐसे प्रशिक्षण व दिशा-निर्देश देने को कहा ताकि श्रद्धालु सम्मान और सुविधा के साथ मंदिर की यात्रा कर सकें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर किसी प्रकार की शिकायत आएगी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य मंत्रिमंडल के अधिकारियों को उस घटना की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए, जिसमें रंगभरी एकादशी के दिन एक महिला पत्रकार तथा एक बटुक (बालक) के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। ऐसे मामलों पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं को कभी दोबारा नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

धार्मिक स्थलों पर बेहतर व्यवस्थाओं को ज़ोर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक संस्थाएं पैसे कमाने का साधन नहीं हैं, बल्कि श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। इसीलिए काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में निर्मित दुकानों तक श्रद्धालुओं की पहुंच सुनिश्चित करने, वहाँ उपलब्ध वस्तुओं के उचित मूल्य बनाए रखने और भीड़-व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर और आसपास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा हो।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट के निर्माण कार्यों में तेजी लाने, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान ऐसे मामलों पर भी सख्त निर्देश दिए कि कोई भी धार्मिक क्रियाकलाप परिसर के बाहर नहीं किया जाएगा और कोई नई परंपरा अनुमति के बिना स्थापित नहीं होगी। होली और आगामी पर्वों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण रूप से मनाने हेतु भी प्रशासन को निर्देश जारी किए गए।

सीएम योगी आदित्यनाथ के ये आदेश यह संकेत देते हैं कि सरकार काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के सम्मान, सुरक्षा और सहज दर्शन अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी उसकी समीक्षा और सुधार के कदम लिए जा रहे हैं।

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