उत्तर प्रदेश में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए योगी सरकार ने व्यापक अभियान चलाने की तैयारी की है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को इस अभियान का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य नशामुक्त जीवन को केवल जागरूकता अभियान तक सीमित रखने के बजाय युवाओं के संस्कार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। इसके तहत विद्यार्थियों को लगातार जागरूक करने के साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा।
हर कक्षा में दिलाई जाएगी नशा मुक्ति की शपथ
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अभियान की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि कक्षा शुरू होने से पहले विद्यार्थियों को संक्षिप्त नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाए। प्रतिदिन आधे से एक मिनट की यह शपथ विद्यार्थियों में नशे के प्रति नकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का माध्यम बनेगी।
सप्ताह में एक दिन होगा जागरूकता संवाद
सरकार ने विद्यार्थियों को नशे के नुकसान के प्रति लगातार जागरूक करने के लिए सप्ताह में कम से कम एक दिन विशेष व्याख्यान कराने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के साथ नशामुक्त जीवन के फायदे भी विद्यार्थियों को बताएंगे। सरकार का प्रयास है कि यह संदेश किसी विशेष दिवस या कार्यक्रम तक सीमित न रहे।
विश्वविद्यालय से फैकल्टी स्तर तक नोडल अधिकारी
अभियान की निगरानी के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। फैकल्टी और विभाग स्तर पर भी जिम्मेदार अधिकारी नामित किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी देकर अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
छात्रावासों में होगी विशेष निगरानी
नशे की रोकथाम के लिए छात्रावासों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बाहर से आने वाली सामग्री की गेट स्तर पर आवश्यक जांच के साथ वार्डन और संबंधित अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक छात्र संख्या वाले छात्रावासों में अब तक किए गए नशा विरोधी प्रयासों की जानकारी भी संकलित की जाएगी।
पोस्टर, निबंध और पदयात्रा से जुड़ेंगे विद्यार्थी
सरकार विद्यार्थियों को अभियान का सक्रिय भागीदार बनाने की तैयारी कर रही है। निबंध, कहानी, चित्रकला और पोस्टर प्रतियोगिताओं के अलावा विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित होंगे। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय परिसरों में नशामुक्ति पदयात्राएं भी निकाली जाएंगी। पोस्टर, होर्डिंग और दीवार लेखन के माध्यम से भी जागरूकता संदेश पहुंचाया जाएगा।
नशामुक्त युवा बनेगा विकसित यूपी की ताकत
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि लगातार शपथ, संवाद और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्ति को विद्यार्थियों के व्यवहार और संस्कार का हिस्सा बनाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ, जिम्मेदार और संस्कारवान युवा ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूत आधार दे सकते हैं।
शिक्षा संस्थानों के माध्यम से चलाया जाने वाला यह अभियान आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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