उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने हाल ही में युवाओं को सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और खतरनाक स्टंट्स को लेकर सावधान किया है। उन्होंने खास तौर पर उन युवाओं को चेतावनी दी, जो लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर वीडियो या सेल्फी बनाते हैं। मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में कई हादसे सामने आ रहे हैं।
बढ़ती लापरवाही पर चिंता
आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया युवाओं के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसके साथ ही जोखिम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई युवा ट्रेन, ऊंची इमारतों या खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में कई बार जान तक चली जाती है। यह सिर्फ एक व्यक्ति का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए दुखद स्थिति बन जाती है।
लाइक्स के लिए जान जोखिम में डालना गलत
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए अपनी जान को खतरे में डालना समझदारी नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन की अहमियत समझें और ऐसे स्टंट्स से बचें। उनका कहना है कि डिजिटल दुनिया में पहचान बनाना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए सुरक्षित और सकारात्मक रास्ता अपनाना जरूरी है।
माता-पिता और समाज की भूमिका
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने माता-पिता की भूमिका भी अहम बताई। उन्होंने कहा कि परिवार को बच्चों को सही दिशा देनी चाहिए और उन्हें समझाना चाहिए कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। हाल ही में उन्होंने यह भी सलाह दी थी कि बच्चों को कम उम्र में स्मार्टफोन देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनके व्यवहार और सोच पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
जागरूकता ही समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का सही उपयोग तभी संभव है, जब युवाओं को इसके खतरों के बारे में जागरूक किया जाए। स्कूलों और कॉलेजों में भी इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए। सरकार और प्रशासन भी समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर सकते हैं।
