उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र) में आयोजित India Chip Ltd समारोह, सेमीकंडक्टर यूनिट ग्राउंडब्रेकिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दूरदृष्टि के लिए गहरा आभार जताया। यह कार्यक्रम उत्तर भारत की पहली बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे भारत को उभरती तकनीकों का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग मिली है।
भारत को तकनीकी हब बनाने का प्रधानमंत्री का विजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से इंडिया चिप लिमिटेड की आधारशिला रखी। यह परियोजना एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित की जा रही है और इसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज तकनीकी दुनिया में सेमीकंडक्टर्स को 21वीं सदी के “डिजिटल डायमंड” के रूप में देखा जाता है और ये चिप्स भविष्य की विकसित तकनीकों जैसे AI, 5G-6G, इलेक्ट्रिक वाहन और रक्षा क्षमताओं का मूल आधार हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में भारत की भागीदारी नई वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में विकसित हो रही है। वर्तमान दशक को “टेक-एड” के रूप में वर्णित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तकनीकी निवेश और नवाचार में अभूतपूर्व कदम उठा रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश ने तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि पहले यह क्षेत्र सुरक्षा और अपराधिक घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यही स्थान तकनीकी विकास और निवेश का केंद्र बन रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर और यमुना-सिटी उत्तर प्रदेश के लिए अब एक “विकास का गहना” बन रहे हैं, जिनसे रोजगार, नवाचार और हाई-टेक उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए बताया कि यह सेमीकंडक्टर यूनिट स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन तथा तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही, हेल्थ, मोबाइल और ऑटोमोबाइल जैसे तकनीकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को भी गति मिलेगी।
परियोजना की महत्वाकांक्षाएँ और आर्थिक प्रभाव
सेमीकंडक्टर यूनिट: यह उत्तर भारत की पहली बड़ी OSAT (आउटसोर्स्ड असेंबली और टेस्टिंग) यूनिट है, जो डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन करेगी।
आर्थिक निवेश: परियोजना में लगभग ₹3,700-4,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है और इसका अनुमानित वार्षिक GDP योगदान लगभग ₹45,000 करोड़ तक रहेगा।
रोज़गार: यह यूनिट भारत में 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी।
यह परियोजना “मेक इन इंडिया” और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी और वैश्विक तकनीकी स्पर्धा में भारत का आत्मनिर्भर और मजबूत स्थान सुनिश्चित करेगी।
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