उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार की राशि को बढ़ाने की घोषणा की है। अब इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के तहत खिलाड़ियों को मिलने वाली धनराशि 3.11 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी जाएगी।
यह घोषणा लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पहले क्या थी स्थिति, अब कितना मिलेगा
अब तक इन दोनों पुरस्कारों के विजेताओं को करीब 3.11 लाख रुपये की राशि दी जाती थी, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग तीन गुना से भी अधिक कर दिया है।
सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को बेहतर आर्थिक सहायता मिलने से वे और अधिक प्रेरित होंगे और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। यह बढ़ोतरी अगले वर्ष से लागू होगी।
Yogi Adityanath की खेलों को बढ़ावा देने की बड़ी रणनीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने खेलों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, पुरस्कार और सुविधाएं देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को “स्पोर्ट्स हब” बनाना है। इसके लिए हर स्तर पर खेल सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, जैसे—गांवों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर केंद्र और कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की योजना।
खिलाड़ियों को मिला मंच और अवसर
कार्यक्रम के दौरान कई खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और कुछ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। इससे यह संदेश गया कि सरकार केवल पुरस्कार ही नहीं दे रही, बल्कि खिलाड़ियों के करियर को स्थिर बनाने के लिए रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि जब युवाओं को सही मंच मिलता है, तो वे देश के लिए पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करते हैं।
युवाओं पर फोकस, खेल संस्कृति को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी युवा है और यही राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। यदि इन युवाओं को खेलों के माध्यम से सही दिशा मिले, तो वे देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इसी सोच के तहत खेलो इंडिया, फिट इंडिया जैसे अभियानों को भी राज्य में सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव में खेल संस्कृति विकसित हो सके।
