Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर में नगर निगम द्वारा किए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया। नगर निगम कार्यालय के बाहर स्थापित स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों—राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह—की प्रतिमाओं को बुलडोजर से हटाते समय क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं, इन प्रतिमाओं के अवशेषों को डंपिंग ग्राउंड में फेंकने की बात भी सामने आई, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो गईं।
लोगों में भारी नाराजगी, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने कड़ा विरोध जताया। शाहजहांपुर, जिसे शहीदों की धरती कहा जाता है, वहां इस तरह की घटना को लोगों ने बेहद संवेदनशील मुद्दा बताया। कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी।
CM Yogi Adityanath का सख्त एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने तुरंत संज्ञान लिया और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मूर्तियां तोड़ने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, उसे ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने निर्देश दिया कि सभी क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं को सम्मानजनक तरीके से पुनर्स्थापित किया जाए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो।
प्रशासन की सफाई और कार्रवाई
प्रशासन की ओर से कहा गया कि सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के तहत प्रतिमाओं को शिफ्ट किया जा रहा था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने बिना उचित प्रक्रिया अपनाए काम किया, जिससे यह घटना हुई। जांच के बाद संबंधित फर्म का ठेका निरस्त कर दिया गया और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विपक्ष का हमला
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं ने इसे शहीदों का अपमान बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। नेताओं का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर शहीदों की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।
