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पहली पारी में खाता तक नहीं खोल पाए, दूसरी में ठोक दिए नाबाद 155 रन! यशस्वी जायसवाल ने बताया रातोंरात कैसे बदली बल्लेबाजी

Yashasvi Jaiswal
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भारतीय क्रिकेट के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने न्यूजीलैंड दौरे पर ऐसा कारनामा किया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। एक तरफ पहली पारी में वह बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, वहीं दूसरी पारी में उनके बल्ले से नाबाद 155 रनों की शानदार पारी निकली। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक ही मैच में उनका प्रदर्शन पूरी तरह बदल गया? मैच के बाद खुद यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने इसकी वजह बताई है।

पहली पारी में जीरो पर आउट होकर बढ़ गई थी मुश्किल

भारत ए (India A) और न्यूजीलैंड ए (New Zealand A) के बीच क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में दूसरा अनौपचारिक टेस्ट मुकाबला खेला गया। इस मैच की पहली पारी में यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा। वह चार गेंदों का सामना करने के बाद बिना खाता खोले एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।

इससे पहले पहले अनौपचारिक टेस्ट की दो पारियों में भी वह 17 और 5 रन ही बना सके थे। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठने लगे थे। लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने अपने बल्ले से सभी सवालों का जवाब दे दिया।

तकनीक में किया छोटा बदलाव, फिर मचाया धमाल

दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने 162 गेंदों पर नाबाद 155 रन बनाए। उनकी इस शानदार पारी में 15 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उन्होंने यश राठौड़ (Yash Rathod) के साथ तीसरे विकेट के लिए नाबाद 247 रनों की साझेदारी भी की। मैच के बाद जायसवाल ने बताया कि पहली पारी में उनका शुरुआती मूवमेंट पीछे की तरफ था।

इसके बाद उन्होंने अपनी तकनीक में बदलाव किया। उनका ध्यान गेंद के करीब रहकर खेलने और शरीर के पास से शॉट लगाने पर था। उन्होंने बताया कि अगर गेंदबाज ज्यादा तेज गेंदबाजी नहीं कर रहा है तो सीम मूवमेंट को संभालना आसान हो जाता है। साथ ही खराब गेंद मिलने पर रन बनाने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए।

न्यूजीलैंड की ठंड और सीम मूवमेंट ने बढ़ाई चुनौती

यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों को भारत से काफी अलग बताया। उनके मुताबिक यहां काफी ठंड है और नई गेंद शुरुआत में काफी मूव करती है। गेंदबाज लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हैं, इसलिए बल्लेबाजों को शुरुआत में धैर्य रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गेंद पुरानी होने और पिच के थोड़ा बेहतर होने के बाद शॉट खेलने के मौके मिलने लगते हैं।

यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) ने यह भी कहा कि उनके लिए प्रक्रिया, नियमित अभ्यास और अनुशासन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इस मुकाबले में भारत ए ने दूसरी पारी में 282 रन पर 2 विकेट के स्कोर के साथ पारी घोषित की। इसके बाद मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। जायसवाल की यह पारी आगामी टेस्ट सीरीज से पहले उनके आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।

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अनिरुद्ध Trend Bihar में बतौर स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। इन्हें स्पोर्ट, ऑटोमोबाइल,...