लखनऊ: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ दवाओं का बड़ा बाजार बनने के बजाय फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार करीब 8 हजार एकड़ में आधुनिक हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ उत्पादन, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देना है।
ललितपुर से नोएडा तक बड़े प्रोजेक्ट
सरकार की योजना में ललितपुर का बल्क ड्रग एवं फार्मा पार्क और गौतमबुद्ध नगर का मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं। ललितपुर में करीब 1,818 एकड़ में फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां बल्क ड्रग, फार्मा फॉर्मुलेशन और साझा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सुविधाएं विकसित होंगी। वहीं यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में करीब 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क तैयार किया जा रहा है।
मेडिकल डिवाइस पार्क में कैंसर केयर, रेडियोलॉजी, इमेजिंग, इम्प्लांट, एनेस्थीसिया, कार्डियो-रेस्पिरेटरी उपकरण और इन-विट्रो डायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पार्क में 100 से अधिक यूनिट आवंटित की जा चुकी हैं।
2,500 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार इन हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग परियोजनाओं में करीब 2,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पर काम कर रही है। इसमें लगभग 2,000 करोड़ रुपये बल्क ड्रग पार्क और करीब 500 करोड़ रुपये मेडिकल डिवाइस पार्क से जुड़े हैं। सरकार का दावा है कि फार्मा क्षेत्र में अब तक करीब 38 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए जा चुके हैं।
फरवरी 2026 में आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव के दौरान भी राज्य ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश को लेकर उद्योग जगत के सामने अपनी योजनाएं रखीं। इस दौरान 11 एमओयू के जरिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए।
CM योगी का उत्तर प्रदेश में रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रदेश सरकार का लक्ष्य दवाओं और मेडिकल उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ आयात पर निर्भरता कम करना है। खासतौर पर बल्क ड्रग, एपीआई और मेडिकल डिवाइस जैसे क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने से हेल्थकेयर सप्लाई चेन मजबूत हो सकती है।
सरकार की नीतियों में निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट और बिजली शुल्क से जुड़े प्रोत्साहन जैसे लाभ भी दिए जा रहे हैं।
अगर ये परियोजनाएं तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ती हैं तो उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख फार्मा, मेडिकल डिवाइस और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग हब में अपनी मजबूत जगह बना सकता है। इससे निवेश के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार और निर्यात के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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