उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। ये नियुक्ति पत्र एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह वितरित किए जाएंगे। उन्होंने आयोगों और भर्ती बोर्डों से परिणाम प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की अपील भी की।
3446 प्राविधिक सहायकों को मिला नियुक्ति पत्र
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग में चयनित 3446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से किया गया है। यह कार्यक्रम सरकार के ‘मिशन रोजगार’ अभियान के तहत आयोजित किया गया था।
हर सप्ताह होगी नियुक्ति पत्रों की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भर्ती परीक्षाओं के बाद परिणाम जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने आयोगों और बोर्डों से कहा कि जब सरकार ने उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर दिया है, तो भर्ती प्रक्रिया और परिणाम भी तय समय में जारी होने चाहिए।
नौ साल में 9.30 लाख से ज्यादा नौकरियों का दावा
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार के करीब नौ साल के कार्यकाल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि नियुक्तियां पारदर्शी और बिना भेदभाव के की गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन होने से प्रदेश को युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ मिलता है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जिसमें किसी युवा को नौकरी पाने के लिए किसी सिफारिश या गलत माध्यम का सहारा न लेना पड़े। उन्होंने पूर्व की भर्ती व्यवस्थाओं पर भी राजनीतिक हमला किया और दावा किया कि पहले युवाओं को परिणाम के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।
युवाओं को समय पर परिणाम देने की कोशिश
योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा और परिणाम के बीच लंबे अंतराल को कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने यूपी बोर्ड का उदाहरण देते हुए कहा कि अब परीक्षा प्रक्रिया को कम समय में पूरा करने और जल्द परिणाम घोषित करने की दिशा में काम किया गया है। सरकार का तर्क है कि समय पर परिणाम मिलने से युवाओं को आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी में सुविधा होती है।
विदेशों में भी यूपी के युवाओं की मांग
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब जापान, जर्मनी और इजरायल जैसे देशों में उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 5,000 युवा इजरायल भेजे जा चुके हैं, जहां उन्हें रोजगार के साथ भोजन और रहने की सुविधा भी मिल रही है। सरकार का जोर सरकारी नौकरियों के साथ विदेशों और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी है।
