उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं, खासकर Gen-Z को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना समेत 19 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किया जाना है।
इन प्रस्तावों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
Gen-Z युवाओं पर योगी सरकार की खास नजर
उत्तर प्रदेश में Gen-Z आबादी का एक बड़ा हिस्सा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की कुल आबादी में इस वर्ग की हिस्सेदारी करीब 28 से 30 प्रतिशत बताई जा रही है। ऐसे में युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार की कोशिश है कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि स्वरोजगार और उद्योग के माध्यम से रोजगार देने वाले भी बनें।
रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट एजेंडे में सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना प्रमुख प्रस्तावों में शामिल है। इसके जरिए प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ाने की तैयारी है। नए उद्योगों के आने से युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में नौकरियों के साथ-साथ छोटे कारोबार और स्वरोजगार के रास्ते भी खुल सकते हैं।
1,323 नए पुलिस वाहन खरीदने का प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में रोजगार से जुड़े प्रस्तावों के अलावा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। यूपी पुलिस की जिला इकाइयों के पुराने और स्क्रैप वाहनों की जगह 1,323 नए वाहन खरीदने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है। इससे पुलिस विभाग की फील्ड व्यवस्था और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
नई इलेक्ट्रिक बसों पर भी बड़ा फैसला
प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
जन सेवा केंद्र 4.0 को मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट बैठक में जन सेवा केंद्र 4.0 शुरू करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है। जन सेवा केंद्रों के जरिए नागरिकों को आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र सहित कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जन सेवा केंद्र 3 की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद नए चरण के संचालन के लिए नई नियमावली तैयार की जा रही है।
एक्सप्रेसवे और औद्योगिक क्लस्टर पर जोर
सरकार के एजेंडे में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्ताव भी शामिल हैं। सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने की तैयारी
कैबिनेट बैठक से पहले ही सरकार का फोकस युवाओं को प्रशिक्षण से रोजगार तक जोड़ने पर दिखाई दे रहा है। हाल में मुख्यमंत्री ने आईटीआई को उद्योगों से जोड़ने, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने और मंडल मुख्यालयों पर नियमित रोजगार मेले आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ना है।
