Shubman Gill: वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में भारत ने 406 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। इस ऐतिहासिक रनचेज के सबसे बड़े नायक रहे कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill), जिन्होंने नाबाद 223 रन की पारी खेली। मैच के बाद गिल ने बताया कि टीम ने इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए किस तरह की रणनीति बनाई थी।
Shubman Gill ने कहा 400 रन देखकर भी लगा चेज कर लेंगे
गिल (Shubman Gill) ने माना कि 400 से ज्यादा का लक्ष्य देखकर दबाव महसूस होना स्वाभाविक था। तेज गर्मी और लंबे समय तक मैदान पर रहने के कारण शरीर भी थक चुका था। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य को एक साथ हासिल करने के बजाय उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर आगे बढ़ने का फैसला किया।
गिल के मुताबिक टीम का पहला लक्ष्य पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए करीब 75-80 रन बनाना था। इसके बाद 25 ओवर तक लगभग 200-210 रन तक पहुंचने की योजना थी। हालांकि भारतीय टीम इस आंकड़े से भी आगे निकल गई और पावरप्ले के बाद ही दबाव काफी कम हो गया।
शुभमन गिल ने कहा छोटी बाउंड्री का उठाया फायदा
गुवाहाटी की पिच बल्लेबाजों के लिए अच्छी थी और मैदान की एक तरफ की बाउंड्री छोटी थी। गिल ने बताया कि भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ इसी क्षेत्र को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। उनका मानना था कि शुरुआती ओवरों में नई गेंद से थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन गेंद पुरानी होने के बाद बल्लेबाजी आसान होती जाएगी।
यह रणनीति मैदान पर भी साफ दिखाई दी। गिल और रोहित शर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई और भारत ने बड़े लक्ष्य को धीरे-धीरे दबाव से बाहर निकाल दिया। रोहित ने शतक लगाया, जबकि गिल अंत तक डटे रहे।
गेंदबाजी को लेकर भी Shubman Gill ने मानी कमी
कप्तान ने यह भी स्वीकार किया कि भारत की शुरुआत गेंदबाजी में अच्छी नहीं रही। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने खुलकर शॉट लगाए और एक समय ऐसा लग रहा था कि मेहमान टीम 420-430 रन तक पहुंच सकती है। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने पारी के अंतिम हिस्से में वापसी की और वेस्टइंडीज को 405 रन पर रोक दिया।
इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा जवाब दिया कि 400 से ज्यादा का लक्ष्य भी असंभव नहीं लगा। भारत ने 43.3 ओवर में 406 रन बनाकर 8 विकेट से जीत दर्ज की। गिल की नाबाद 223 रन की पारी ने इस जीत को ऐतिहासिक बना दिया।
