Shivam Dube: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के अंतिम लीग मैच में भारतीय टीम (Team India) का सामना नीदरलैंड की टीम से हुआ. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारतीय टीम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर बुरी तरह से फ्लॉप रहा, इसके बाद शिवम दुबे (Shivam Dube) ने टीम इंडिया की पारी को संभाला और भारत को 190 रनों के पार पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई.
शिवम दुबे ने भारत के जीत के बाद अपने लंबे-लंबे छक्के मारने का श्रेय अपने कोच और कप्तान को न देकर बल्कि भारत के दूसरे दिग्गज खिलाड़ी को दिया. शिवम दुबे (Shivam Dube) ने किसे अपनी सफलता का श्रेय दिया और मैन ऑफ द मैच मिलने के बाद क्या कुछ कहा आइए जानते हैं.
Shivam Dube ने बताया अपने लंबे-लंबे छक्के मारने का राज
प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने जाने के बाद भारतीय टीम के स्टार आलराउंडर शिवम दुबे (Shivam Dube) ने कहा कि
“विकेट थोड़ा मुश्किल था, लेकिन यह वही स्थिति है जिसमें मुझे बल्लेबाजी करना पसंद है और मैं इसका आनंद ले रहा था. कुछ समय दबाव में भी था, ऑफ स्पिनर ने मुझे अच्छी गेंदबाजी की. 4 डॉट गेंदें रहीं और वह ओवर उसके पक्ष में गया, लेकिन मुझे पता था कि बाद में मैं इसकी भरपाई कर लूंगा. गेंद स्किड भी कर रही थी और नीची भी रह रही थी. एक गेंद घूमी भी. उस समय मेरे लिए यह समझना जरूरी था कि मैं हिट कर सकता हूं, लेकिन मैच की स्थिति कुछ और मांग रही थी, इसलिए उसी हिसाब से खेलना पड़ा.मैं बाउंड्री लगाने की कोशिश करता हूं, छक्के मारना मुझे पसंद है और मैं इसका लुत्फ उठाता हूं, लेकिन जब गेंदबाज अच्छा हो, तो स्थिति के मुताबिक खुद को बाउंड्री मारने के लिए तैयार करना पड़ता है.”
Shivam Dube ने गंभीर नही धोनी को दिया सफलता का श्रेय
नीदरलैंड के साथ मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स पर अपने शानदार सफलता के बारे में बात करते हुए शिवम दुबे ने कहा कि
“एक समय था जब मैं IPL में आया था, मैं शॉर्ट गेंदों के ख़िलाफ़ थोड़ा संघर्ष कर रहा था, उस समय मैं उन्हें इतनी सफ़ाई से नहीं मार पा रहा था, लेकिन फिर मुझे एहसास हुआ कि अगर मुझे इस लेवल पर हावी होना है और मेरे पास वह ताकत है, तो मैं एक चीज़ की वजह से क्यों पीछे रहूं, इसलिए मैंने ऑफ़ सीज़न के दौरान उस चीज़ पर बहुत काम किया. “
शिवम दुबे ने अपनी सफलता का श्रेय महेंद्र सिंह धोनी को देते हुए कहा कि
“माही भाई ने मुझसे कहा था कि यह ज़रूरी नहीं है कि आपको उस गेंद पर छक्का ही मारना है, आप बाउंड्री मार सकते हैं या एक सिंगल ले सकते हैं, इसलिए यह बात हमेशा मेरे दिमाग में रहती थी कि जब मैं शुरुआत में आता हूं.”
