पुणे (महाराष्ट्र): वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के प्रमुख शरद पवार को हाल ही में पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह कदम तब उठाया गया जब उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें कमजोरी, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्हें बारामती स्थित उनके आवास से विशेष वाहन के माध्यम से पुणे लाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उनकी स्थिति की जांच की जा रही है।
डॉक्टरी रिपोर्ट के अनुसार, पवार को सीने में संक्रमण (chest congestion), बुखार और लगातार खांसी की शिकायत थी, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती के वक्त उनकी सांस लेने की दर थोड़ी बढ़ी हुई पाई गई, लेकिन हृदय गति और ऑक्सीजन स्तर सामान्य थे, इसलिए डॉक्टरों ने फिलहाल किसी गंभीर हालत की आवश्यकता नहीं देखी।
शरद पवार पुणे के रूबी हॉल अस्पताल में भर्ती
डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि पवार का इलाज चल रहा है और आवश्यक जांचें की जा रही हैं। उनके स्वास्थ्य पर नज़र रखने वाले चिकित्सकों ने कहा है कि फिलहाल उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट या वेन्तिलेटर की आवश्यकता नहीं है, और उनका इलाज संक्रमण तथा थकान के कारण हो रही दिक्कतों को ध्यान में रखकर चल रहा है।
एक मेडिकल अपडेट में यह भी बताया गया है कि पवार की हालत में निरंतर सुधार हो रहा है और यदि उनकी रिपोर्ट सकारात्मक रहती है तो उन्हें अगले दो दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल फोन के माध्यम से जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
पारिवारिक समर्थन और राजनीति पर असर
पवार के साथ उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले, उनके बेटे-in-law सादानंद सुले और पोते रोहित पवार भी अस्पताल में मौजूद रहे, जिन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर इलाज की प्रक्रिया पर नजर रखी और पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने का अनुरोध किया। सुले परिवार ने मीडिया को बताया कि रिपोर्ट सामान्य आने के बाद ही पवार की अगली स्थिति तय की जाएगी।
राजनीतिक रूप से शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे सक्रिय और वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनका स्वास्थ्य अपडेट अक्सर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रहता है, खासकर जब पार्टी के भविष्य और अन्य चुनावी रणनीतियों पर विचार किए जाते हैं।
इससे पहले भी पड़ चुके हैं कई बार बीमार
यह कोई पहला मौका नहीं है जब पवार को स्वास्थ्य संबंधित मुश्किलों का सामना करना पड़ा हो। इतिहास में उन्होंने मुंह के कैंसर के इलाज सहित विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना किया है, और इसके बावजूद वे सक्रिय राजनीति में बने रहे हैं। पिछली बार भी उनके इलाज के बाद उन्होंने वापसी की थी और पार्टी की गतिविधियों में भाग लिया था।
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