दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के दो प्रमुख नेता सौरभ दास (Saurav Das) और आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) पहले ही न्यायिक हिरासत में हैं। अब शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की टीम अभिजीत दीपके के ठिकाने पर पहुंच गई। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या दीपके को भी गिरफ्तार किया जाएगा?
दरअसल, उनकी पार्टी ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने के कार्यक्रम का ऐलान किया है। इसी बीच पुलिस की सक्रियता ने पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया है। हालांकि, फिलहाल दीपके की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आखिर Abhijeet Dipke के घर क्यों पहुंची पुलिस?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अधिकारी शुक्रवार को झंडेवालां इलाके में स्थित उस मकान पर पहुंचे, जहां अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ठहरे हुए हैं। पुलिस ने उन्हें दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धारा 29 के तहत नोटिस भी दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब उनकी पार्टी ने शाम पांच बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इससे पहले आरोप लगाया था कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों के लोग उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, पुलिस के घर पहुंचने के बाद आगे क्या कार्रवाई होगी, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सौरभ दास और आशुतोष रांका पहले ही हिरासत में
इस पूरे मामले में सौरभ दास और आशुतोष रांका की भूमिका भी अहम है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप भी हैं।
दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद तिहाड़ जेल में रखा गया है। अभिजीत अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) लगातार अपने साथियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि तिरंगा फहराने के कार्यक्रम को लेकर पार्टी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के पीछे दर्ज मामलों और कानूनी प्रक्रिया से जुड़े अलग-अलग पहलू भी हैं।
क्या अब Abhijeet Dipke की भी होगी गिरफ्तारी?
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के ठिकाने पर पुलिस की मौजूदगी और नोटिस दिए जाने के बाद उनकी गिरफ्तारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी का प्रस्तावित कार्यक्रम भी इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण बना रहा है।
हालांकि, पुलिस के पहुंचने या नोटिस देने का मतलब अपने आप गिरफ्तारी होना नहीं है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) अपने साथियों की रिहाई की मांग के बीच कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे या पुलिस की कार्रवाई के बाद उनकी रणनीति बदल जाएगी। अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाले घटनाक्रम और पुलिस के अगले कदम पर टिकी है।
