उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक बड़ी घोषणा की, लेकिन यह फैसला विवादों में घिर गया। दरअसल, यूपी सरकार ने Puch AI नाम के एक स्टार्टअप के साथ ₹25,000 करोड़ के MoU (समझौता) की बात कही, जिसके बाद टेक इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई।
इस MoU के तहत राज्य में AI पार्क, बड़े डेटा सेंटर, AI यूनिवर्सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना सामने आई। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को “AI हब” बनाना है, जिससे रोजगार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिले।
स्टार्टअप की क्षमता पर उठे सवाल
विवाद तब गहराया जब लोगों को पता चला कि Puch AI एक नया और शुरुआती स्टेज का स्टार्टअप है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की सालाना कमाई 50 लाख रुपये से भी कम बताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठने लगे कि इतनी छोटी कंपनी के साथ इतना बड़ा समझौता कैसे किया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर मुख्यमंत्री के पोस्ट के नीचे फैक्ट-चेक नोट भी जुड़ गया, जिसमें कंपनी की सीमित क्षमता और अनुभव को लेकर संदेह जताया गया। इससे विवाद और तेज हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई सीधी फंडिंग या भुगतान वाली डील नहीं है, बल्कि एक MoU है, जो केवल प्रारंभिक चरण का समझौता होता है।
उन्होंने कहा कि ₹25,000 करोड़ का मतलब यह नहीं है कि सरकार इतनी राशि खर्च कर रही है, बल्कि यह संभावित निवेश (proposed investment) है, जो अलग-अलग चरणों में लागू होगा। साथ ही, MoU गैर-बाध्यकारी (non-binding) होता है और अंतिम निर्णय विस्तृत जांच (due diligence) के बाद ही लिया जाता है।
Puch AI का पक्ष
कंपनी की ओर से भी बयान जारी किया गया कि यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आधारित होगा और इसमें सरकारी धन का सीधा उपयोग नहीं किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि उसका लक्ष्य AI को आम लोगों तक पहुंचाना है, खासकर WhatsApp और लोकल लैंग्वेज के जरिए।
एक्सपर्ट्स ने दी मिली-जुली राय
टेक एक्सपर्ट्स इस पूरे मामले को लेकर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कुछ का मानना है कि भारत को AI में आगे बढ़ने के लिए बड़े विजन और निवेश की जरूरत है, जबकि अन्य विशेषज्ञ इसे जोखिम भरा कदम मानते हैं। उनका कहना है कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि मजबूत क्रियान्वयन (execution) से ही ऐसे प्रोजेक्ट सफल हो सकते हैं।
