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लाड़ली बहना योजना और ‘वंदे मातरम’ पर CM Mohan Yadav का बड़ा संदेश

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने हाल ही में सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी करते हुए महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रभक्ति दोनों पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने जहां एक ओर प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता दी, वहीं दूसरी ओर ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे भारत माता की वंदना बताया।

लाड़ली बहना योजना: महिलाओं को आर्थिक मजबूती

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन प्रदेश की बहनों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। सरकार लगातार ऐसी योजनाएं चला रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में उनका सम्मान बढ़े। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।

विकास कार्यों की सौगात

इस कार्यक्रम में केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी गई, बल्कि लगभग 184 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया।

इनमें आईटीआई, छात्रावास, स्कूल भवन, नहर निर्माण और शहरी सौंदर्यीकरण जैसी कई योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना है।

‘वंदे मातरम’ पर CM का बयान

कार्यक्रम के दौरान Mohan Yadav ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम में भारत माता की वंदना है” और इसे किसी धर्म या राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र के प्रतीकों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के कारण राष्ट्रगौरव से जुड़े मुद्दों को भी विवादित बना देते हैं।

राजनीतिक और सामाजिक संदेश

मुख्यमंत्री का यह बयान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें एक व्यापक राजनीतिक और सामाजिक संदेश छिपा है। एक ओर उन्होंने महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को आगे बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और राजनीतिक संदेश देने का प्रभावी माध्यम होते हैं।