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करणी सेना प्रमुख सूरज पाल अम्मू के बयान से सियासी हलचल, कहा “ब्राह्मण हमारे दादा हैं, जिसे कहंगे उसकी हलक…

Suraj Pal Ammu
करणी सेना प्रमुख सूरज पाल अम्मू के बयान से सियासी हलचल, कहा "ब्राह्मण हमारे दादा हैं, जिसे कहंगे उसकी हलक...
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Suraj Pal Ammu: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर माहौल गरमा गया है। करणी सेना के प्रमुख सूरज पाल अम्मू (Suraj Pal Ammu) का एक बयान इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज को लेकर विवादित टिप्पणी की। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में ब्राह्मणों की नाराजगी और राजनीतिक समीकरणों को लेकर पहले से ही बहस चल रही है।

Suraj Pal Ammu ने ब्राह्मणों को लेकर कही ये बात

मीडिया से बातचीत के दौरान सूरज पाल अम्मू (Suraj Pal Ammu) ने ब्राह्मणों को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि “ब्राह्मण हमारे दादा हैं” और उन्होंने उनके सम्मान की बात कही। इसी दौरान उन्होंने एक विवादित टिप्पणी भी कर दी, जिसमें उन्होंने कहा कि “जिसे कहेंगे, उसकी हलक से जुबान निकाल लेंगे।”

हालांकि, उन्होंने इस बयान को ब्राह्मणों के प्रति सम्मान और समर्पण के संदर्भ में बताया, लेकिन उनके शब्दों को लेकर अलग-अलग तरह से व्याख्या की जा रही है।

दरोगा भर्ती परीक्षा विवाद से जुड़ा मामला

दरअसल, यह पूरा मामला दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल से जुड़ा है, जिसमें ब्राह्मणों को “अवसरवादी” बताने पर विवाद खड़ा हो गया था। इसी मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर अम्मू ने यह प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण हमेशा ज्ञान और शिक्षा की बात करते हैं, इसलिए उन्हें अवसरवादी कहना गलत है। इस बयान के जरिए उन्होंने ब्राह्मण समाज के समर्थन में अपनी बात रखने की कोशिश की।

सोशल मीडिया पर वायरल, मिली-जुली प्रतिक्रिया

अम्मू (Suraj Pal Ammu) का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोगों ने इसे ब्राह्मणों के समर्थन में दिया गया बयान बताया, जबकि कई लोगों ने इसे आपत्तिजनक और आक्रामक भाषा करार दिया।

राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

राजनीति में बढ़ती बयानबाजी

विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरणों को लेकर बयानबाजी तेज हो रही है। ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर विभिन्न दल और संगठन अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं।

ऐसे में इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं।

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