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कन्नौज में सोना बरामदगी पर सियासी घमासान, अखिलेश यादव ने 26 बिस्किट का किया दावा

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उत्तर प्रदेश के कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक कार से करीब 10 किलो सोना बरामद होने के बाद मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बरामदगी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पुलिस ने मौके से 26 सोने के बिस्किट बरामद किए थे, जबकि आधिकारिक तौर पर केवल करीब 10 किलो सोना दिखाया गया। दूसरी ओर, उपलब्ध पुलिस जानकारी के मुताबिक कार से 10.026 किलो 24 कैरेट सोना बरामद हुआ है।

एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक ब्रेजा कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसके बाद वाहन में सवार लोगों की गतिविधियों को लेकर पुलिस को संदेह हुआ और जांच शुरू की गई। तलाशी के दौरान कार से सोना बरामद हुआ। बरामद सोने का वजन करीब 10.026 किलोग्राम बताया गया है और इसकी अनुमानित कीमत 15 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल बताया गया है।

अखिलेश यादव ने उठाए गंभीर सवाल

इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और पुलिस व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सूत्रों के अनुसार पुलिस ने एक-एक किलो के 26 सोने के बिस्किट बरामद किए थे, लेकिन सार्वजनिक रूप से केवल 10 किलो सोना दिखाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाकी सोने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

जांच और बरामदगी बनी चर्चा का केंद्र

सोना बरामद होने के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल इसकी उत्पत्ति और वैध दस्तावेजों से जुड़ा है। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि सोना कहां से आया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। रिपोर्टों के अनुसार मामले की जांच में नेपाल से गोरखपुर और फिर दिल्ली तक संभावित नेटवर्क की दिशा में भी पड़ताल की जा रही है।

सियासी आरोपों से बढ़ी हलचल

सोने की बरामदगी के बाद मामला सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूपी की राजनीति में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से बरामद सोने की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, उनके आरोपों और आधिकारिक बरामदगी के आंकड़ों के बीच अंतर को जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट किया जा सकेगा।

सोने के नेटवर्क की जांच पर नजर

कस्टम विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां अब बरामद सोने के स्रोत और संभावित तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही हैं। जांच का दायरा वाहन में मौजूद लोगों, उनके संपर्कों और सोने की आवाजाही से जुड़े दस्तावेजों तक बढ़ सकता है। यदि किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की पुष्टि होती है तो आगे बड़ी कार्रवाई संभव है।

2027 चुनाव से पहले राजनीतिक मुद्दा

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी पहले से तेज है। ऐसे में कन्नौज की सोना बरामदगी ने विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का एक और मुद्दा दिया है। वहीं, मामले की वास्तविक तस्वीर जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।