झारखंड में करीब 10 साल (एक दशक) के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही ‘झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (J-TET 2026) को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार किसी प्रतियोगी परीक्षा के संदर्भ में विशेष सार्वजनिक अपील जारी की है। राज्यभर में 986 परीक्षा केंद्रों पर 5.60 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
पिछली प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई शिकायतों, विसंगतियों और युवाओं में परीक्षा संचालन को लेकर बनी चिंताओं के बीच इस महा-परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराना केवल अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि हेमंत सोरेन सरकार की प्रशासनिक साख के लिए भी एक अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री की खास अपील के प्रमुख बिंदु
पहली बार मुख्यमंत्री की सार्वजनिक अपील: राज्य के इतिहास में ऐसा पहली बार देखा गया जब किसी परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वयं आगे आकर सीधे परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से अपील की।
अनुशासन और सहयोग का आग्रह: मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों से पूरी जिम्मेदारी, अनुशासन और निष्ठा के साथ परीक्षा संचालन में सहयोग करने का आह्वान किया ताकि किसी भी केंद्र पर अव्यवस्था या कदाचार की गुंजाइश न रहे।
शिक्षा सुधार और निष्पक्ष अवसर: उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं के पारदर्शी चयन के लिए प्रतिबद्ध है। 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद हो रही इस परीक्षा से लाखों युवाओं की उम्मीदें जुड़ी हैं, इसलिए सभी को समान व निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।
परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े व प्रबंध
परीक्षार्थियों की संख्या: कुल 5.60 लाख से अधिक अभ्यर्थी (प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर)।
परीक्षा केंद्र: पूरे झारखंड में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें अकेले राजधानी रांची में 101 केंद्रों पर लगभग 48,000 अभ्यर्थी शामिल हैं।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व निगरानी: सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी और जैमर की व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
सख्त चेतावनी: मुख्य सचिव और प्रशासन के स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर पेपर लीक या अनुचित साधनों के प्रयोग पर ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023’ के तहत गैर-जमानती और कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर
राज्य में लंबे समय से शिक्षक भर्ती और पात्रता परीक्षा की मांग कर रहे युवाओं के लिए यह परीक्षा अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री का खुद अपील जारी करना यह दर्शाता है कि सरकार इस परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर पूरी तरह सजग है और किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती।
