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एशिया कप जीतकर भी टीम इंडिया की ये कमजोरी नहीं छिपी, हरमनप्रीत कौर की टीम को करना होगा सुधार

Asia Cup
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women’s Cricket Team) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एशिया कप 2026 (Women’s Asia Cup 2026) का खिताब अपने नाम कर लिया। हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में श्रीलंका (Sri Lanka) को 72 रन से हराकर आठवीं बार एशिया कप (Asia Cup) ट्रॉफी पर कब्जा किया। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में टीम इंडिया का दबदबा देखने को मिला, लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक ऐसी कमजोरी भी बार-बार सामने आई, जिस पर अब टीम मैनेजमेंट को गंभीरता से काम करना होगा।

फील्डिंग में टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी आई सामने

महिला एशिया कप (Women’s Asia Cup 2026) में भारतीय टीम की सबसे बड़ी चिंता उसकी फील्डिंग रही। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में 17 कैच छोड़े और उसका कैचिंग प्रतिशत सिर्फ 59.5 फीसदी रहा। यानी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में दमदार प्रदर्शन करने वाली टीम कैच पकड़ने के मामले में बाकी विभागों जितनी मजबूत नहीं दिखी।

दिलचस्प बात यह है कि कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने फाइनल से पहले भी टीम की फील्डिंग में सुधार की जरूरत को स्वीकार किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि टूर्नामेंट के दौरान बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में टीम ने लगातार सुधार किया है।

बल्ले और गेंद से धमाल, लेकिन कैच ने बढ़ाई टेंशन

एशिया कप (Asia Cup) में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी बेहद प्रभावशाली रही। फाइनल में शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने 68 रन और स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने 59 रन बनाकर भारत को 183 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका को सिर्फ 111 रन पर समेट दिया।

श्री चरणी (Sree Charani) ने चार विकेट और दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) ने तीन विकेट लेकर भारत की जीत आसान कर दी। पूरे टूर्नामेंट में भी भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा। ऐसे में फील्डिंग की कमी और ज्यादा साफ नजर आई।

आने वाली बड़ी चुनौती से पहले फील्डिंग सुधारना जरूरी

हरमनप्रीत कौर की टीम ने एशिया कप (Asia Cup) जीतकर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन आगे बड़े टूर्नामेंट में मजबूत टीमों के खिलाफ छोटी-सी फील्डिंग गलती भी भारी पड़ सकती है। खासकर दबाव वाले मुकाबलों में आसान कैच छोड़ना या अतिरिक्त रन देना मैच का रुख बदल सकता है।

इसलिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप (Asia Cup) की जीत जहां बड़ी उपलब्धि है, वहीं फील्डिंग उसकी सबसे बड़ी सुधार वाली जगह के रूप में सामने आई है। अब टीम मैनेजमेंट की कोशिश यही होगी कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी की मजबूती के साथ फील्डिंग को भी उसी स्तर तक पहुंचाया जाए।

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