Shadab Khan : क्रिकेट के मैदान पर कब क्या हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। पाकिस्तान (Pakistan) और इंग्लैंड (England) के बीच लाहौर में खेले गए वनडे मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब इंग्लैंड के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे और बल्लेबाज शादाब खान (Shadab Khan) भी निराश होकर मैदान छोड़ने की तैयारी करने लगे। टीवी पर भी इंग्लैंड को 20 रन से विजेता दिखा दिया गया। लेकिन तभी एक ऐसा ट्विस्ट आया, जिसने पूरे मैच की कहानी बदल दी। पाकिस्तान ने आखिरी विकेट के लिए शानदार संघर्ष करते हुए एक विकेट से मुकाबला जीत लिया।
Shadab Khan के आउट होते ही इंग्लैंड ने मान ली जीत
पाकिस्तान के सामने 242 रन का लक्ष्य था। लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम की हालत बेहद खराब हो गई थी और 154 रन पर नौ विकेट गिर चुके थे। इंग्लैंड को जीत के लिए केवल एक विकेट की जरूरत थी। ऐसे मुश्किल समय में शादाब खान (Shadab Khan) अपनी टीम की आखिरी उम्मीद बने हुए थे।
मैच के 45वें ओवर में इंग्लैंड के गेंदबाज गस एटकिंसन (Gus Atkinson) की गेंद शादाब खान (Shadab Khan) के पैड पर लगी। गेंदबाज की अपील पर अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया। शादाब उस समय 97 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इंग्लैंड के खिलाड़ियों को लगा कि मुकाबला उनके नाम हो चुका है। खिलाड़ी हाथ मिलाने लगे और मैदान पर जीत का माहौल बन गया।
डीआरएस ने बदला फैसला, इंग्लैंड के खिलाड़ियों के उड़ गए होश
शादाब खान (Shadab Khan) के पास एक आखिरी मौका था। उन्होंने डीआरएस (DRS) लेने का फैसला किया। इसके बाद तकनीक से हुई जांच में अल्ट्राएज (UltraEdge) पर गेंद के बल्ले से लगने का संकेत मिला। रीप्ले में अंदरूनी किनारा दिखाई देने के बाद मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया गया।
शादाब खान (Shadab Khan) नॉटआउट रहे और पाकिस्तान की जीत की उम्मीदें फिर जिंदा हो गईं। कुछ ही देर पहले जीत का जश्न मना रहे इंग्लैंड के खिलाड़ियों के सामने अब मुकाबला दोबारा खुल चुका था। शादाब ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाया और अपनी टीम को हार के मुंह से बाहर निकालने की जिम्मेदारी संभाली।
Shadab Khan और हारिस रऊफ ने मिलकर रच दिया इतिहास
शादाब खान (Shadab Khan) ने हारिस रऊफ (Haris Rauf) के साथ मिलकर आखिरी विकेट के लिए नाबाद 89 रन की साझेदारी की। शादाब ने 113 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 13 चौके और पांच छक्के शामिल थे। हारिस रऊफ ने भी उनका पूरा साथ दिया।
पाकिस्तान ने 47.1 ओवर में नौ विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और इंग्लैंड को एक विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने त्रिकोणीय वनडे सीरीज के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, इंग्लैंड को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला इस बात की मिसाल बन गया कि क्रिकेट में आखिरी गेंद तक हार या जीत तय नहीं होती।
