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East Zone vs South Zone: दलीप ट्रॉफी फाइनल ड्रॉ हुआ तो कौन बनेगा चैंपियन? समझें BCCI का ये खास नियम

South Zone
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दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में East Zone और South Zone के बीच मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन (Ishan Kishan) ने 270 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

लेकिन अब क्रिकेट फैंस के मन में एक बड़ा सवाल है- अगर East Zone vs South Zone Duleep Trophy Final ड्रॉ हो गया, तो ट्रॉफी किस टीम के नाम होगी? इसका जवाब दलीप ट्रॉफी के पुराने और खास नियम में छिपा है।

ड्रॉ होने पर पहली पारी की बढ़त बनेगी निर्णायक

दलीप ट्रॉफी जैसे नॉकआउट मुकाबले में अगर फाइनल का नतीजा तय समय तक नहीं निकलता और मैच ड्रॉ हो जाता है, तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता माना जाता है। इस नियम के तहत मुकाबले में पहली पारी का स्कोर बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। BCCI के पुराने दलीप ट्रॉफी रिकॉर्ड में भी सेमीफाइनल और फाइनल के ड्रॉ मुकाबलों में पहली पारी की बढ़त के आधार पर टीमों के आगे बढ़ने या चैंपियन बनने के उदाहरण मौजूद हैं।

यही वजह है कि East Zone ने अपनी पहली पारी में 708 रन तक पहुंचने के बाद अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है। अगर South Zone इस स्कोर से आगे नहीं निकल पाता और मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो East Zone को पहली पारी की बढ़त के आधार पर दलीप ट्रॉफी चैंपियन घोषित किया जा सकता है।

South Zone को करना होगा 708 का आंकड़ा पार

South Zone के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती East Zone के 708 रन से आगे निकलने की है। अगर South Zone 709 या उससे ज्यादा रन बना लेता है, तो पहली पारी में उसे बढ़त मिल जाएगी। ऐसी स्थिति में मैच ड्रॉ रहने पर फायदा South Zone को मिलेगा।

वहीं अगर South Zone 708 रन से कम पर ऑलआउट हो जाता है, तो East Zone की पहली पारी की बढ़त बरकरार रहेगी। ऐसे में पांच दिन का मुकाबला बिना किसी स्पष्ट जीत के खत्म होने पर भी East Zone ट्रॉफी अपने नाम कर सकता है।

ईशान किशन की 270 रन की पारी बनी गेमचेंजर

East Zone की मजबूत स्थिति के पीछे कप्तान ईशान किशन की ऐतिहासिक पारी सबसे बड़ी वजह है। किशन ने 334 गेंदों पर 270 रन बनाए, जिसमें 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनके साथ कुमार कुशाग्र (Kumar Kushagra) ने भी 101 रन की शानदार पारी खेली। दोनों की पारियों ने East Zone को 708 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

इसलिए अब Duleep Trophy Final का रोमांच सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं है। South Zone के लिए 708 रन का आंकड़ा पार करना बेहद जरूरी है, जबकि East Zone की नजर अपनी पहली पारी की बढ़त बचाए रखने पर होगी

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