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सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर से टूटेगी 30 साल पुरानी मस्जिद, साथ ही ठोका गया 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना

सहारनपुर कलेक्ट्रेट
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर से टूटेगी 30 साल पुरानी मस्जिद, साथ ही ठोका गया 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को लेकर अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने सरकारी परिसर में बने इस निर्माण को अवैध मानते हुए इसे हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित पक्ष पर 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

आदेश में कहा गया है कि निर्धारित नियमों के तहत 30 दिनों के भीतर अवैध निर्माण को हटाया जाए। यदि तय समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और निर्माण से जुड़ा होने के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है।

30 दिन की समय सीमा निर्धारित

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित पक्ष को 30 दिनों के भीतर निर्माण हटाने का अवसर दिया गया है। इस दौरान यदि आदेश का पालन किया जाता है तो आगे की कानूनी प्रक्रिया उसी के अनुरूप चलेगी। वहीं समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठा सकता है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने भी न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करने की बात कही है। मामले को देखते हुए स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सहारनपुर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला

मामला कलेक्ट्रेट परिसर की सरकारी भूमि से जुड़ा बताया जा रहा है। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया गया। न्यायालय ने सरकारी संपत्ति पर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को नियमों के विरुद्ध बताते हुए संबंधित पक्ष पर आर्थिक दंड भी लगाया है।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और कानून के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसी उद्देश्य से न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन करेगा आदेश का पालन

अदालत के फैसले के बाद जिला प्रशासन ने कहा है कि न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पक्ष को आदेश की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है और तय समय सीमा पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। फिलहाल इस फैसले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है, जबकि आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

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