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UP के 3.53 लाख रसोइयों को कैशलेस इलाज की सौगात, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव से पहले खेला तुरुप का इक्का

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UP के 3.53 लाख रसोइयों को कैशलेस इलाज की सौगात, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव से पहले खेला तुरुप का इक्का
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उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत काम कर रहे प्रदेश के करीब 3.53 लाख रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित करेंगे। इस कार्ड के जरिए रसोइयों और उनके परिवार के सदस्यों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने की जानकारी दी गई है।

11 रसोइयों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद देंगे कार्ड

राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच से प्रतीकात्मक रूप से 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 1500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

इसके अलावा जिला और तहसील स्तर पर भी सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जहां जनप्रतिनिधियों के माध्यम से रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा।

परिवार को भी मिलेगा इलाज का लाभ

कैशलेस चिकित्सा कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका लाभ केवल रसोइयों तक सीमित नहीं रहेगा। रसोइयों और उनके परिवार के सदस्यों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारी या महंगे इलाज के समय बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मानदेय भी बढ़ाकर किया गया 3000 रुपये

कैशलेस चिकित्सा सुविधा के साथ ही रसोइयों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने मासिक मानदेय को 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया है। यानी रसोइयों को हर महीने 1000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

यह बढ़ोतरी करीब पांच साल बाद हुई है। इससे प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

बच्चों के पोषण में अहम भूमिका

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत रसोइये प्रदेश के लगभग 1.41 लाख परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.46 करोड़ विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने में भी उनकी जिम्मेदारी अहम होती है। सरकार ने इसी योगदान को देखते हुए सम्मान और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर दिया है।

रसोइयों के योगदान को मिलेगा सम्मान

राज्य स्तरीय कार्यक्रम में रसोइयों के योगदान पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई जाएगी। इसके अलावा बुकलेट, पोस्टर और फ्लेक्स के माध्यम से पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों और रसोइयों की भूमिका को सामने रखा जाएगा।

सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि स्कूलों में बच्चों के पोषण के लिए काम करने वाले इन कर्मचारियों को सामाजिक सम्मान भी दिलाना है।

सरकार ने बढ़ाई सामाजिक सुरक्षा

रसोइयों के लिए मानदेय में बढ़ोतरी और कैशलेस चिकित्सा सुविधा को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कम मानदेय में लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खर्च बड़ी चिंता बन सकता था। ऐसे में 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उनके परिवारों के लिए सुरक्षा कवच का काम कर सकती है।

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