उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और कई इलाकों में बाढ़ व जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में नजर आए। शनिवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने प्रदेश की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और बाढ़ प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही जलभराव वाले शहरों में निकासी व्यवस्था को तत्काल बेहतर करने पर जोर दिया।
कहीं भी जलभराव नहीं होना चाहिए
सीएम योगी ने प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निचले इलाकों की पहचान कर वहां जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। जिन नालों में सिल्ट, कूड़ा या किसी अन्य कारण से पानी की निकासी बाधित है, उनकी तत्काल सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रयागराज नगर आयुक्त को विशेष हिदायत
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के नगर आयुक्त को बाढ़ और जलभराव से बचाव के लिए विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी। वहीं कानपुर नगर निगम की कार्यशैली पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान नागरिकों को जलभराव की परेशानी से बचाना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है।
इसके लिए अधिकारियों को केवल कार्यालय से निगरानी करने के बजाय जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने को कहा गया।
19 बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 19 बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। बलिया, गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली गई।
उन्होंने सभी जिलों के कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय रखने और मुख्यालय स्तर से भी 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नदी कटान वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को भी कहा गया।
क्षतिग्रस्त मकानों के लिए राहत
बाढ़ के कारण जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र प्रभावित परिवारों को पट्टा उपलब्ध कराने के साथ मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास दिलाने की कार्रवाई की जाए। सरकार का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों को केवल तत्काल राहत देने तक सीमित न रहकर उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना भी है।
762 नगर निकायों की 24 घंटे निगरानी
नगर विकास विभाग को प्रदेश के सभी 762 नगर निकायों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने महापौरों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से स्थानीय पार्षदों के साथ फील्ड में जाकर जलभराव और सफाई व्यवस्था देखने को कहा। इससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं की पहचान और तत्काल समाधान पर जोर रहेगा।
स्कूलों की व्यवस्थाओं पर भी सख्ती
बैठक में विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। स्कूल-कॉलेजों से जुड़े भ्रामक वीडियो और गलत जानकारी के प्रसार पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई।
उन्होंने ऐसे मामलों में जांच कर गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मिड-डे मील, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय और कक्षाओं की स्थिति की स्थलीय जांच कराने को कहा।
