गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में बुधवार को राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। यह महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित सप्ताहभर के कार्यक्रम का समापन भी था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों संतों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राम मंदिर आंदोलन में योगदान का जिक्र
सीएम योगी ने अपने संबोधन में गोरक्षपीठ के संतों की राम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने राम मंदिर के निर्माण के लिए लंबे समय तक प्रयास किए। उनके अनुसार, महंत दिग्विजयनाथ 1949 में अयोध्या में रामलला के प्राकट्य के समय मौजूद थे, जबकि महंत अवेद्यनाथ ने आगे चलकर श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के अभियान का नेतृत्व किया।
महंत अवेद्यनाथ के सामाजिक कार्यों को किया याद
मुख्यमंत्री ने महंत अवेद्यनाथ के सामाजिक समरसता से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने विभिन्न संत परंपराओं को एक मंच पर लाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया था। अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के खिलाफ भी उनके प्रयासों को याद किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान
सीएम योगी ने दोनों संतों के शिक्षा क्षेत्र में योगदान को भी रेखांकित किया। महंत दिग्विजयनाथ द्वारा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के माध्यम से शिक्षा के विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा और संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी संस्थागत प्रयास किए गए। आज परिषद से जुड़ी कई शिक्षण संस्थाएं संचालित हो रही हैं।
समाज और राष्ट्र सेवा का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों और महापुरुषों के जीवन से समाज को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ के जीवन को सामाजिक सेवा, शिक्षा और सार्वजनिक कल्याण से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने उद्देश्य के प्रति स्थिर रहना सफलता का महत्वपूर्ण आधार है।
राम मंदिर निर्माण को बताया महत्वपूर्ण पड़ाव
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को राम जन्मभूमि आंदोलन के लंबे इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि मंदिर निर्माण तक पहुंचने में अनेक संतों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का योगदान रहा। उन्होंने गोरक्षपीठ से जुड़े दोनों महंतों के प्रयासों को इसी क्रम में याद किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संत और गणमान्य लोग शामिल
कार्यक्रम में विभिन्न संतों, धार्मिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी महंत अवेद्यनाथ और महंत दिग्विजयनाथ को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने दोनों संतों के धार्मिक, सामाजिक और शैक्षिक कार्यों का उल्लेख किया।
पुस्तक का भी हुआ विमोचन
श्रद्धांजलि सभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा से संबंधित पुस्तक ‘रामकथा के प्रथम बलिदानी जटायु’ का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के माध्यम से महंत अवेद्यनाथ और महंत दिग्विजयनाथ के विचारों और कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
