गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने दबंगों की शिकायत करते हुए मदद की गुहार लगाई। महिला ने बताया कि प्रभावशाली लोग उसे उसकी जमीन तक जाने का रास्ता नहीं दे रहे हैं और विरोध करने पर धमकी भी दी जा रही है। महिला की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार पर सख्ती
महिला की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार लोगों को उनकी जमीन तक जाने का रास्ता उपलब्ध नहीं करा सकते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री का यह निर्देश प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
करीब 200 लोगों की सुनी शिकायतें
गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं। उन्होंने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का नियमानुसार समाधान कराया जाएगा। इस दौरान जमीन विवाद, रास्ते से जुड़ी परेशानी और राजस्व विभाग से संबंधित कई शिकायतें भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामलों को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जमीन विवादों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सीएम योगी ने अधिकारियों को साफ कहा कि जमीन से जुड़े मामलों को लंबे समय तक लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें और कानून के अनुसार विवादों का समाधान कराएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
दबंगों के खिलाफ कार्रवाई का संदेश
भूमि विवादों में कई बार दबंगों द्वारा कमजोर लोगों की जमीन या रास्ते पर कब्जे की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति को दबंगई के बल पर परेशान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कानून के दायरे में रहकर पीड़ित को उसका अधिकार दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
इलाज के लिए भी मदद का भरोसा
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री के सामने चिकित्सा सहायता से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं। सीएम योगी ने जरूरतमंद लोगों को इलाज में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। अधिकारियों को पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने और उन्हें उपचार की सुविधा दिलाने के निर्देश दिए गए। इससे साफ है कि जनता दर्शन में केवल प्रशासनिक विवाद ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों पर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों को दिया जवाबदेही का संदेश
गोरखपुर की इस घटना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख साफ दिखाई दिया। जमीन और रास्ते जैसे मामलों में आम लोगों को लंबे समय तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया है। लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक की जवाबदेही तय करने का निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सख्त संदेश है।
कुल मिलाकर, जनता दर्शन में महिला की शिकायत के बाद सीएम योगी ने रास्ते और जमीन से जुड़े विवाद में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। सरकार का जोर यही है कि पीड़ित व्यक्ति को उसका अधिकार मिले और प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज न किया जाए।
