उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने कौशल विकास पर अपना फोकस और बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली में CIIIT केंद्रों का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण देने वाले उत्कृष्ट संस्थानों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
आईटीआई को उद्योगों से जोड़ने पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की आईटीआई संस्थाओं को अधिक से अधिक उद्योगों से जोड़ा जाना चाहिए। उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार करने के साथ प्रशिक्षण में भी बदलाव किया जाए। इससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को सीधे रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अप्रेंटिसशिप और ऑन-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया।
CIIIT केंद्रों में आधुनिक प्रशिक्षण की तैयारी
CIIIT यानी सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग केंद्रों को युवाओं के लिए आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित काम तेजी से पूरा करने और गोरखपुर, मुजफ्फरनगर तथा बरेली में संचालन शीघ्र शुरू करने को कहा। सरकार का उद्देश्य इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप नए कौशल से तैयार करना है।
150 आईटीआई के उन्नयन पर काम
बैठक में बताया गया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का कार्य चल रहा है। इसके अलावा 62 अन्य आईटीआई को भी आधुनिक बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उद्योगों के सहयोग से 37 राजकीय आईटीआई में एडवांस स्किल लैब स्थापित की जा चुकी हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
रोजगार मेलों के आयोजन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई और उद्योगों के बीच लगातार संवाद होना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन करने के निर्देश दिए गए। सरकार चाहती है कि प्रशिक्षण लेने के बाद युवाओं को नौकरी तलाशने में परेशानी न हो और कंपनियों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सके। कौशल विकास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय रोजगार और स्वरोजगार के परिणामों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
विदेशी रोजगार के लिए भाषाओं का प्रशिक्षण
बैठक में युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। जापान और जर्मनी जैसे देशों में कुशल कर्मचारियों की मांग को देखते हुए विदेशी भाषाओं का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य किए जाने की जानकारी भी दी गई।
गरीब परिवारों के युवाओं को विशेष अवसर
मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों और युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 9.52 लाख युवाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जिनमें 1.44 लाख पात्र पाए गए हैं। इनमें 8,746 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण हो चुका है।
