उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 1,375 नवचयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रक्रिया के तहत हुआ है। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि एक नियुक्ति पत्र केवल एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए खुशी और नए अवसर का माध्यम है।
ग्रामीण प्रशासन को मिलेगी नई कार्यशक्ति
ग्राम पंचायत अधिकारी गांवों में पंचायत स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई नियुक्तियों से ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कामकाज को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों की जिम्मेदारी ग्रामीण नागरिकों तक सरकारी योजनाओं और पंचायत स्तर की सुविधाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने से भी जुड़ी होगी।
ग्राम सचिवालयों को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ग्राम सचिवालयों की व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार प्रदेश की ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालयों को सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। इनमें बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि पंचायत स्तर की सेवाओं को आधुनिक बनाया जा सके।
ऑनलाइन सेवाओं से पंचायतों को लाभ
पंचायती राज विभाग के अनुसार कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से विभिन्न सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी से पंचायतों में आय का सृजन भी हुआ है। मंत्री ने बताया कि इस माध्यम से पंचायतों में करीब 4.27 करोड़ रुपये की आय हुई है। विभाग के सामने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप पंचायतों को विकसित करने और ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रभावी संचालन की चुनौती भी है।
स्वच्छता और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस
ग्राम पंचायत अधिकारियों की भूमिका केवल प्रशासनिक काम तक सीमित नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन, कल्याणकारी योजनाओं और पंचायत स्तर की विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी इनकी जिम्मेदारी रहेगी। विभाग की ओर से योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रचार-प्रसार और उनके क्रियान्वयन की निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।
युवाओं को रोजगार देने का दावा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की भर्ती प्रक्रिया और रोजगार से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब तक करीब साढ़े 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और बिना लेन-देन के चयन पर जोर देने की बात कही। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयान पर आधारित है।
अगले छह महीने में एक लाख नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री की ओर से हाल के नियुक्ति कार्यक्रमों में अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य भी बताया गया है। ग्राम पंचायत अधिकारियों की नियुक्ति को इसी रोजगार अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में अलग-अलग विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के कार्यक्रम जारी रहने की बात कही गई है।
पंचायत व्यवस्था में बढ़ेगी जिम्मेदारी
नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों के सामने अब ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी। नियुक्ति के साथ उन्हें पंचायत व्यवस्था, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण दिया जाएगा। इससे पंचायत स्तर पर सेवाओं और विकास कार्यों के संचालन में नई कार्यशक्ति जुड़ने की उम्मीद है।
