उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में परिवारवाद, जातिवाद, कानून-व्यवस्था, विकास और संगठन की भूमिका जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
‘व्यक्ति से बड़ा दल, दल से बड़ा राष्ट्र’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति में व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा राष्ट्र होना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा ने राजनीति में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की सोच रखी है। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से यह भावना रखने को कहा कि सवाल यह नहीं होना चाहिए कि उन्हें क्या मिलेगा, बल्कि यह होना चाहिए कि वे देश और समाज के लिए क्या कर सकते हैं।
जाति के आधार पर महापुरुषों को बांटने से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिशों से बचना होगा। उन्होंने कोतवाल धन सिंह गुर्जर, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि महापुरुष किसी एक जाति तक सीमित नहीं होते। उन्होंने शक्ति केंद्र संयोजकों से सामाजिक विभाजन की कोशिशों को रोकने के लिए काम करने की अपील की।
सनातन और विरासत का भी किया जिक्र
योगी ने अपने संबोधन में अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी विरासत पर गर्व करते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कांवड़ यात्रा और कृष्ण जन्माष्टमी का भी जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों की नीतियों को लेकर कई राजनीतिक आरोप लगाए, जिन्हें मुख्यमंत्री के राजनीतिक वक्तव्य के रूप में देखा जाना चाहिए।
मेरठ के विकास कार्यों का भी उल्लेख
मुख्यमंत्री ने मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नमो भारत, खेल विश्वविद्यालय और क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों से जुड़े विकास कार्यों को भी अपने संबोधन का हिस्सा बनाया।
संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने पर जोर
योगी ने भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजकों को संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए बूथ स्तर पर काम मजबूत करने की बात कही। उन्होंने प्रत्येक बूथ की समीक्षा, प्रभावी टीम बनाने, पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करने और परिवारों तक संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। सम्मेलन का उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को मजबूत करना भी रहा।
2027 से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का संगठनात्मक अभियान तेज है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान मेरठ और सहारनपुर में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में संगठन, बूथ स्तर की तैयारियों और आगामी चुनाव से पहले जमीनी संपर्क को लेकर चर्चा की जा रही है।
