उत्तर प्रदेश विधान सभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi adityanath) ने बरेली के फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल को सदन में श्रद्धांजलि दी। विधानसभा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने सदन में भावुक होते हुए कहा कि श्याम बिहारी लाल जनसेवा और विकास कार्यों में सक्रिय रहे और उन्हें जनता ने दो बार विधानसभा सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व दिया। उनका निधन 2 जनवरी 2026 को हुआ, जब वह 60 वर्ष के थे और बुनियादी विकास कार्यों तथा समाज के पिछड़े व गरीब वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे थे। योगी ने कहा कि जब शिक्षण क्षेत्र से जुड़े विद्वान राजनैतिक जीवन में आते हैं, तो लोकतांत्रिक परंपराएँ और मजबूत होती हैं, और उनका असमय निधन उत्तर प्रदेश और भाजपा दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ प्रो. श्याम बिहारी लाल ही नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक विजय सिंह गौड़ को भी याद किया। गौड़ का निधन 8 जनवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में हुआ था और वे जनजातीय समाज के प्रमुख प्रवक्ता के रूप में जाने जाते थे। योगी ने दोनों दिवंगत नेताओं के लिए शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सेवाओं ने प्रदेश की जनता के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। सदन ने मौन रखकर दोनों नेताओं को श्रद्धा सुमन अर्पित किया, जो संसदीय परंपरा और सम्मान का प्रतीक है।
प्रो. श्याम बिहारी लाल: जीवन, सेवा और योगदान
प्रो. श्याम बिहारी लाल उत्तर प्रदेश के फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक थे। वे शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहे और जनता के बीच अपनी सरलता, कर्मठता और विकास कार्यों के लिए जाने जाते थे। 2 जनवरी 2026 को बरेली में सर्किट हाउस में एक बैठक के दौरान उनका स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया और उन्हें मेडिसिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका निधन पार्टी और क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ा रिक्त स्थान छोड़ गया। उनके बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने पिछड़े और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए जो निरंतर प्रयास किया, वह आज भी याद किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने सदन को बताया कि श्याम बिहारी लाल ने न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति दी, बल्कि जातीय या सामाजिक भेदभाव के बिना लोगों के हित में काम किया। ऐसे नेताओं का निधन लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
संसदीय सम्मान और भावनात्मक माहौल
सभा में श्रद्धांजलि के दौरान सभी दलों के सदस्य उपस्थित थे और दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। विधानसभा का शोक प्रस्ताव पारित करते समय सदन भावुक प्रतीत हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवार को ईश्वर से धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की और दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विशेष अवसर पर विपक्ष के नेता भी सदन में मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय सम्मान और संवेदनशीलता को सदन में महत्व दिया जाता है।
इस प्रकार, उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रो. श्याम बिहारी लाल को दी गई श्रद्धांजलि न सिर्फ उनके जीवन और समर्पण को याद करने का एक मौका था, बल्कि यह दिखाता है कि विधायक सदन और जनता के प्रति उनकी सेवा का सम्मान किस प्रकार किया जाता है।
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