उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के किसानों को एक बड़ी राहत दी है। 21 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री ने 2.51 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में कुल ₹285 करोड़ की फसल नुकसान मुआवजा राशि भेजी। यह राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत तथा राज्य-स्तरीय कल्याणकारी योजनाओं के तहत किसानों को प्रदान की जाती है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कृषि संकटों से उत्पन्न आर्थिक क्षति को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि जो किसान अपनी फसल का बीमा कराते हैं, उन्हें किसी भी प्राकृतिक आपदा (जैसे तूफ़ान, अधिक वर्षा, सूखा आदि) के कारण नुकसान होने पर यह वित्तीय सहायता मिलती है। उन्होंने इसे “हमारे अन्नदाताओं के लिए आर्थिक संबल” बताया और कहा कि यह कदम उन्हें संकट के समय आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दी गई धनराशि
राज्य सरकार ने इस राशि को सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया है, जिससे बीच में किसी भी दुविधा या विलंब की संभावना कम हो। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि धनराशि समय पर सभी पात्र किसानों को उपलब्ध कराई जाए। इस अभियान का लक्ष्य है कि किसानों को फसल हानि के कारण हुए आर्थिक नुकसान का तुरंत और प्रभावी समाधान मिल सके।
यह मुआवजा राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत दी गई है। इस योजना के अंतर्गत, किसान अपनी फसलों को बीमा कराते हैं और यदि उनके फ़सल का नुकसान प्राकृतिक आपदा के कारण होता है, तो बीमा के आधार पर उन्हें वित्तीय सहायता मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की सहायता कृषकों को संकट के समय आत्मनिर्भर बनाती है और उनकी आजीविका को सुरक्षित रखती है।
सरकारी प्रतिबद्धता और कृषि सुधार
सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि यह कदम सरकार की उन नीतियों का हिस्सा है जो किसान कल्याण और कृषि संवर्द्धन के लिए निरंतर लागू की जा रही हैं। राज्य सरकार आपदा प्रबंधन, कृषि अवसंरचना के विकास तथा फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके अलावा, किसानों को भविष्य में भी आपदाओं से बचाने के लिए कृषि तकनीक, सूचना प्रणाली और पूर्व-तैयारी के प्रयास मजबूत किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह ₹285 करोड़ की सहायता राशि उत्तर प्रदेश सरकार की किसानों के प्रति समर्पित नीति का स्पष्ट उदाहरण है। इसका उद्देश्य न केवल आर्थिक सहायता देना है, बल्कि कृषि को एक स्थिर और सुरक्षित व्यवसाय के रूप में स्थापित करना भी है, जिससे किसान आत्मविश्वास के साथ खेती जारी रख सकें।
ALSO READ: एनसीपी प्रमुख शरद पवार पुणे के रूबी हॉल अस्पताल में भर्ती, कमजोरी के चलते कराया गया इलाज
