बिहार को देश के प्रमुख औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े आर्थिक सुधारों और संसाधनों के विस्तार की घोषणा की है। बोधगया में ‘बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड’ (BIMCGL) के लोगो और आधिकारिक वेबसाइट के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने अगले पांच वर्षों के भीतर राज्य में 12 लाख रोजगार सृजित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।
सरकार ने स्पष्ट किया कि बिहार अब औद्योगिक विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है और फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट’ के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को राज्य से जोड़ा जाएगा।
20 हजार एकड़ लैंड बैंक और 15 नई औद्योगिक नीतियां
उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने बुनियादी संसाधनों को सुलभ बनाने पर जोर दिया है:
20,000 एकड़ जमीन: नए औद्योगिक संयंत्रों की स्थापना में जमीन की रुकावट न आए, इसके लिए राज्यभर में 20 हजार एकड़ औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
15 सेक्टोरल नीतियां: अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए 15 नई सेक्टोरल पॉलिसी लागू की गई हैं।
स्टील हब की तैयारी: राज्य में छह स्टील प्लांट लगाने के इच्छुक निवेशकों के साथ करार हो चुका है, जिससे बिहार को पूर्वी भारत का स्टील हब बनाने में मदद मिलेगी।
5 साल में 20 हजार मेगावाट बिजली और जल कॉरिडोर
उद्योगों की आधारभूत जरूरतों—जमीन, पानी और बिजली—को पूरा करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है:
20,000 मेगावाट बिजली: अगले पांच वर्षों में बिजली उत्पादन को 20 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है, जिसमें सौर ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और हाइड्रोजन ऊर्जा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सोन-फल्गु रिवर कॉरिडोर: मगध क्षेत्र में उद्योगों और स्थानीय जरूरतों के लिए जल संकट दूर करने के उद्देश्य से सोन नदी को फल्गु नदी से जोड़ने के लिए एक जल कॉरिडोर बनाने की योजना है।
ड्राई पोर्ट की सुविधा: विनिर्माण और कृषि उत्पादों के सुगम निर्यात के लिए राज्य में आधुनिक ड्राई पोर्ट विकसित किए जाएंगे।
गया में बसेगी ‘मगध’ टाउनशिप, इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश
समारोह में घोषणा की गई कि गया और बोधगया के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस ‘मगध’ के नाम से एक नई आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी।
इसके साथ ही राज्य में कनेक्टिविटी को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए रेलवे में करीब 1 लाख करोड़ रुपये और सड़क नेटवर्क में करीब 4 लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का निर्माण शुरू हो चुका है, जबकि भागलपुर और सोनपुर में पीपीपी (PPP) मॉडल पर नए हवाई अड्डे विकसित करने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है।
