बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की राजनीतिक प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को सोशल मीडिया पर धूमिल करने के प्रयास के मामले में मधुबनी साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के लिए तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी है।
कैसे शुरू हुई कार्रवाई? (पटना से मिली तकनीकी सूचना)
सीसीएसयू (CCSU) की निगरानी: 28 अक्टूबर 2026 की सुबह 10:13 बजे साइबर क्राइम कंट्रोल यूनिट (CCSU) सोशल मीडिया विंग, पटना द्वारा मधुबनी साइबर थाने के आधिकारिक नंबर पर एक आपत्तिजनक वीडियो क्लिप और फोटो भेजी गई थी।
भ्रामक व आपत्तिजनक सामग्री: इस वीडियो क्लिप में एक अज्ञात व्यक्ति को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का चरणस्पर्श करते हुए दिखाया गया था और साथ में भ्रामक व मानहानिकारक दावे जोड़कर उसे प्रसारित किया गया था।
इंस्टाग्राम हैंडल चिन्हित: साइबर थाने की तकनीकी टीम ने जांच के दौरान पाया कि यह सामग्री इंस्टाग्राम पर ‘रिपु यदुवंशी’ नाम से संचालित प्रोफाइल के जरिए वायरल की गई थी।
BNS और IT एक्ट के तहत कांड संख्या 41/26 दर्ज
मधुबनी साइबर थाने में इस मामले को लेकर कांड संख्या 41/26 दर्ज किया गया है:
लागू धाराएं: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 (मानहानि) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) संशोधन अधिनियम 2000 की धारा 66(C) (पहचान की चोरी/आईडी का दुरुपयोग) और 66(D) (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग कर छल करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
डीएसपी का बयान: साइबर डीएसपी नवीन कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति या नागरिक के खिलाफ चरित्र हनन, भ्रामक सूचना और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब उस आईपी एड्रेस, डिवाइस और मुख्य संचालक की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है।
