भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से 5 सितंबर को जारी आदेश के मुताबिक उनकी नियुक्ति पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी।
दिनेश शर्मा लंबे समय तक भाजपा संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वह दो बार लखनऊ के महापौर रहे और 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया।
उनकी नई जिम्मेदारी को केवल प्रशासनिक नियुक्ति के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समुदाय के बीच भाजपा के संदेश और प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा के बीच यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिनेश शर्मा पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में गिने जाते हैं और उनकी छवि एक शांत, अनुभवी तथा संगठन के प्रति निष्ठावान नेता की रही है।
यूपी की राजनीति पर क्यों है नजर?
दिनेश शर्मा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में सामाजिक समीकरण लगातार चर्चा में हैं। भाजपा के लिए ब्राह्मण मतदाता लंबे समय से महत्वपूर्ण आधार रहा है। हालांकि समय-समय पर इस समुदाय की ओर से राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सरकार में भागीदारी को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, शर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला था। ऐसे में उन्हें उपराज्यपाल की जिम्मेदारी देना उनके राजनीतिक सफर को एक सम्मानजनक नई भूमिका देने के रूप में भी देखा जा रहा है। साथ ही इससे भाजपा को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में किसी अन्य ब्राह्मण चेहरे को आगे बढ़ाने की गुंजाइश मिल सकती है।
दिनेश शर्मा को राज्यपाल बना, भाजपा ने किया दिया संदेश
दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश की जिम्मेदारी देना भाजपा के लिए कई मायनों में अहम है। यह क्षेत्र सुरक्षा, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़ा हुआ है। उपराज्यपाल यहां संवैधानिक और प्रशासनिक प्रमुख की भूमिका निभाते हैं।
राजनीतिक नजरिए से देखें तो भाजपा इस नियुक्ति के जरिए अपने पुराने और अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारियां देने का संदेश भी दे सकती है। दिनेश शर्मा का संगठन से लंबा जुड़ाव और सरकार में अनुभव नई भूमिका में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
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