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थोड़ा खाना खाया कीजिए..’: बापू सभागार में CM सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत को दी सलाह; कहा- दोनों भाई मिलकर बनाएंगे नया बिहार

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राजधानी पटना के बापू सभागार में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ बिहार की भावी राजनीति और शासन के गहरे संकेत देखने को मिले। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के बीच मंच पर बेहतरीन तालमेल और गर्मजोशी दिखाई दी।

मुख्यमंत्री का भाषण उस वक्त हंसी और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब उन्होंने चुटीले अंदाज में निशांत कुमार के स्वास्थ्य और दुबलेपन को लेकर मंच से टिप्पणी की और उन्हें अपना भाई बताया।

“थोड़ा खाना खाया कीजिए… हम दोनों भाई मिलकर बिहार को आगे ले जाएंगे”

मंच से आत्मीय सलाह:

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की ओर मुखातिब होते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “थोड़ा खाना खाया कीजिए।” इसके तुरंत बाद उन्होंने राजनीतिक रूप से अहम संदेश देते हुए कहा कि वे और निशांत कुमार दोनों भाई मिलकर बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेंगे।

राजनीतिक निहितार्थ:

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने और स्वास्थ्य मंत्री का पदभार संभालने के बाद यह पहला बड़ा संयुक्त सार्वजनिक मंच था। मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें सार्वजनिक रूप से “भाई” कहना दोनों युवा नेताओं के बीच मजबूत राजनीतिक सामंजस्य और एनडीए के एकजुट नेतृत्व को दर्शाता है।

कार्यक्रम के प्रमुख नीतिगत ऐलान व लक्ष्य

सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा:

मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के अखंड भारत निर्माण के योगदान को नमन करते हुए दोहराया कि बिहार में सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव: प्रति माह 1 लाख ऑपरेशन का लक्ष्य:

सरकारी अस्पतालों से मरीजों को पीएमसीएच (PMCH) और आईजीआईएमएस (IGIMS) रेफर करने की पुरानी परिपाटी को खत्म करने का निर्देश दिया गया।

जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर प्रतिमाह कम से कम 1 लाख ऑपरेशन/सर्जरी करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि गरीब मरीजों को बड़े शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

1 करोड़ रोजगार व उद्योग विस्तार:

मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ परिवारों को स्वरोजगार व रोजगार से जोड़ने के सरकार के वादे को दोहराया।

नीतीश कुमार और सुशील मोदी के योगदान को याद किया:

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनुपस्थिति के बावजूद मुख्यमंत्री ने 2005 के बाद राज्य में बिजली, सड़क और विधि-व्यवस्था में आए ऐतिहासिक सुधारों का पूरा श्रेय नीतीश कुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की जोड़ी को दिया।