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खरगे के बयान पर एनडीए एकजुट: गिरिराज सिंह ने कहा ‘मूर्खों की टोली’, सम्राट चौधरी ने मांगी माफी

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पटना के बापू सभागार में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों ने चौतरफा हमला बोल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कड़ी आपत्ति के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और ‘हम’ (HAM) के नेताओं ने खरगे के बयान की तीखी आलोचना की है।

गिरिराज सिंह का तीखा हमला: “कांग्रेस मूर्खों की टोली है”

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने खरगे की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा:

पहले लगता था कि सिर्फ राहुल गांधी ही इस तरह के अमर्यादित बयान देते हैं, लेकिन अब पूरी कांग्रेस पार्टी उसी रास्ते पर चल पड़ी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह ‘मूर्खों की टोली’ बन चुकी है और नेहरू-गांधी परिवार की चाटुकारिता में नेता इतने गिर चुके हैं कि देश के प्रधानमंत्री के परिवार पर ओछी टिप्पणियां करने लगे हैं।

देश के 8-9 राज्यों में कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो चुका है; जनता इस तरह की भाषा और मानसिकता के लिए कांग्रेस को कड़ा सबक सिखाएगी।

सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी और खरगे से मांगा इस्तीफा व माफी

सम्राट चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अशोभनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान दर्शाता है कि कांग्रेस और राहुल गांधी प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति कितनी गहरी दुर्भावना रखते हैं। सम्राट चौधरी ने मांग की कि कांग्रेस पार्टी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को तुरंत बिना शर्त देश और प्रधानमंत्री से माफी मांगनी चाहिए।

जदयू और ‘हम’ ने भी साधा निशाना

जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा: उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार या एनडीए नेतृत्व पर कोई भी टिप्पणी करने से पहले मल्लिकार्जुन खरगे को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। नीतीश कुमार के सुशासन और राजनीतिक कद को कांग्रेस के किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

डॉ. संतोष कुमार सुमन (‘हम’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मंत्री): उन्होंने कहा कि खरगे द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा भारतीय लोकतंत्र, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने मांग की कि खरगे सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करें और कार्यक्रम के आयोजक भी इस प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।