पटना के बापू सभागार में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कड़ी आपत्ति के बाद अब बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने खरगे और पूरी कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
सम्राट चौधरी ने मांगी माफी
सम्राट चौधरी ने खरगे की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करना बेहद अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह बयान साबित करता है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति कैसी घृणा और दुर्भावना रखते हैं। सम्राट चौधरी ने मांग की कि इस कृत्य के लिए मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को तत्काल देश की जनता और प्रधानमंत्री से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
गिरिराज सिंह बोले: “कांग्रेस मूर्खों की टोली है”
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने चिरपरिचित आक्रामक अंदाज में कांग्रेस पर जुबानी हमला बोला:
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह ‘मूर्खों की टोली’ बन चुकी है; पहले केवल राहुल गांधी ही ऐसे बयान देते थे, लेकिन अब पूरी पार्टी उसी रास्ते पर चल पड़ी है।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार की चाटुकारिता और राजनीतिक हताशा में कांग्रेस के नेता इतने गिर चुके हैं कि देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के पिता पर ओछी टिप्पणियां कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जब नीतियों और तर्कों पर बहस करने की क्षमता खत्म हो जाती है, तभी ऐसी स्तरहीन भाषा निकलती है, जो घोर मानसिक दिवालियापन का प्रमाण है।
चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया
चिराग पासवान: लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि बिहार सभ्यता और संस्कारों की जननी है। लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। विरोध नीतियों और तथ्यों पर होना चाहिए, न कि निजी टिप्पणियों पर।
जीतन राम मांझी: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने खरगे से माफी की मांग करते हुए कहा कि ऐसी ओछी टिप्पणियों से प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा कम नहीं होती, बल्कि ऐसी भाषा बोलने वाले की अपनी संकीर्ण सोच उजागर होती है।
