झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी सह गांडेय विधायक कल्पना सोरेन का काफिला रामगढ़-बोकारो सीमावर्ती क्षेत्र के कसमार-बारलंगा मार्ग से गुजरा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही मार्ग के किनारे और प्रमुख चौकों पर स्थानीय लोग जुट गए थे। काफिला रुकने पर मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन ने गाड़ी से बाहर निकलकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उनका हालचाल जाना।
स्थानीय मुद्दों और सड़क संपर्क पर चर्चा
इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास, कसमार-बारलंगा मार्ग के बुनियादी ढांचे और स्थानीय समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
ग्रामीणों ने ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, कनेक्टिविटी और मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों और स्थानीय प्रशासन को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में सड़क संपर्क और जनसुविधाओं के विकास में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
मुख्यमंत्री और विधायक के काफिले के आवागमन को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मोड़ों पर पुलिस बल की तैनाती रही, जिससे यातायात सुगम बना रहा और कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने नेता का स्वागत किया।
