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दामोदर-भैरवी संगम पर मां रूपी सोरेन की अस्थियां विसर्जित कर भावुक हुए CM हेमंत सोरेन

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन की अस्थियां रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध रजरप्पा धाम में दामोदर और भैरवी नदी के पवित्र संगम तट पर विसर्जित कीं। पारंपरिक संताली विधि-विधान और रीति-रिवाजों के अनुसार यह अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके और मां को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हो गए।

संताल समाज में रजरप्पा के दामोदर तट को अत्यंत पवित्र और आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां पीढ़ियों से पूर्वजों की अस्थियों के विसर्जन की परंपरा चली आ रही है।

नम आंखों से दी विदाई, सोशल मीडिया पर साझा किया दर्द

अस्थि विसर्जन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि मां का साया सिर से उठ जाने की रिक्तता को कभी भरा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मां स्व० रूपी सोरेन की ममता, उनके दिए गए संस्कार और जीवन मूल्य सदैव उनके मार्गदर्शक बने रहेंगे।

पारंपरिक मांझी और पाहन की मौजूदगी में पूरी हुईं रस्में

दामोदर-भैरवी संगम घाट पर अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया संताल समाज के पारंपरिक धर्मगुरुओं और अगुआओं की देखरेख में संपन्न कराई गई। अनुष्ठान के दौरान घाट प्रगणक, प्राणिक और अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों ने संताली परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार व रस्में पूरी करवाईं। मुख्यमंत्री के साथ परिवार के सदस्य और निकट संबंधी भी उपस्थित रहे।

सफाई कर्मियों और जरूरतमंदों के बीच बांटे वस्त्र

धार्मिक रस्में और विसर्जन कार्य संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मियों, गरीबों और जरूरतमंदों के बीच वस्त्र व राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे।