बिहार को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और मैन्युफैक्चरिंग का नया हब बनाने की दिशा में गया में ‘बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड’ (BIMCGL) का मेगा लॉन्च आयोजित किया गया। लगभग 1,700 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शुभारंभ सम्राट चौधरी ने किया। इस दौरान देशभर से पहुंचे लगभग 150 प्रमुख निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ विशेष बैठक कर राज्य में नई इकाइयां लगाने की रूपरेखा पर चर्चा की गई।
₹1.21 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और लैंड बैंक
उद्योग विभाग के अनुसार, बिहार में औद्योगिक माहौल को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं:
निवेश और रोजगार: वर्ष 2025 से अब तक राज्य को ₹1,21,000 करोड़ से अधिक के 1,091 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 69,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।
14,600 एकड़ का लैंड बैंक: नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में जमीन की कमी आड़े न आए, इसके लिए राज्यभर में 14,600 एकड़ से अधिक का व्यापक लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है।
भूखंडों का आवंटन: BIMCGL के विधिवत शुभारंभ के साथ ही चयनित उद्यमियों को भूखंड आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और तेज अनुमतियां
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के अनुसार, राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और बाधामुक्त बनाया जा रहा है। निवेशकों को जमीन आवंटन से लेकर विभिन्न सरकारी मंजूरियां हासिल करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सुविधाएं दी जा रही हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी: 90 मिनट में पटना से गया
उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे पर भी तेजी से काम हुआ है:
पटना-गया-डोभी फोरलेन हाईवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जिससे पटना से गया का सफर महज 90 मिनट में तय किया जा सकेगा।
इस रूट के सभी लेनों पर 31 दिसंबर तक वाहनों का सुगम परिचालन पूरी तरह शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे डोभी इंडस्ट्रियल नोड को बंदरगाहों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
