बिहार को देश का नया औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने की दिशा में शनिवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। बोधगया में आयोजित एक भव्य समारोह में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही परियोजना का आधिकारिक लोगो और वेब पोर्टल भी लाइव कर दिया गया। सरकार का दावा है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य में ₹16,500 करोड़ का निवेश आएगा और युवाओं के लिए 1.10 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027’ के कर्टेन रेजर समारोह की भी शुरुआत की गई, जिसका मुख्य आयोजन 17 और 18 फरवरी 2027 को प्रस्तावित है।
12 औद्योगिक इकाइयों के साथ ₹4,092 करोड़ के MoU
कार्यक्रम के दौरान पहले ही दिन विभिन्न क्षेत्रों की 12 बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ ₹4,092 करोड़ के समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें प्रमुख निवेश प्रस्ताव शामिल हैं:
मिंट लाइफ साइंसेज: ₹1,500 करोड़
एबीआईएस (ABIS) ग्रुप: ₹600 करोड़
बायोहील एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड: ₹510 करोड़
जियोफास्ट इंडस्ट्रीज लिमिटेड: ₹500 करोड़
कुमार ऑर्गेनिक्स: ₹300 करोड़
जियाना इंडस्ट्रीज व नालंदा ऑटोमेक: ₹326 करोड़ से अधिक
डोभी कॉरिडोर की खूबियां और बुनियादी ढांचा
अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत गया के डोभी प्रखंड में 1,670 एकड़ भूमि पर यह मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित की जा रही है:
कनेक्टिविटी: जीटी रोड (NH-19) और फोरलेन नेटवर्क से सीधा जुड़ाव, जिससे माल ढुलाई में सुगमता होगी।
लैंड बैंक विस्तार: उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हाईवे किनारे लगभग 13,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जनवरी तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: उद्योगों के लिए लालफीताशाही खत्म कर 30 दिनों के भीतर सिंगल विंडो क्लीयरेंस और स्वतः मंजूरी (डीम्ड अप्रूवल) की व्यवस्था की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय संपर्क: गया हवाई अड्डे को काठमांडू और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से सीधे जोड़ने तथा पर्यटन व हेरिटेज के लिहाज से गया-बोधगया के बीच ‘मगध’ के नाम से आधुनिक टाउनशिप बसाने की भी योजना है।
समारोह में उपस्थित केंद्रीय व राज्य मंत्रियों और 200 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि बिहार अब केवल MoU साइन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर फैक्ट्रियां लगाकर स्थानीय स्तर पर उत्पादन और रोजगार सृजन की नई कार्यसंस्कृति अपना चुका है।
