धनबाद जिले में सरकारी व रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन की टीम ने रांगाटांड़ ट्रैक्शन कॉलोनी से लेकर पांडरपाला तक के क्षेत्र में अवैध रूप से बने खतालों और झोपड़ियों की पैमाइश (मापी) की। इन सभी अवैध निर्माणों को चिह्नित कर उन पर नंबरिंग कर दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सभी संबंधित लोगों को जल्द ही औपचारिक नोटिस जारी कर तय समय सीमा के भीतर स्वयं कब्जा हटाने का निर्देश दिया जाएगा। निर्धारित समय में अतिक्रमण न हटाने की स्थिति में बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई मापी
धनबाद के अंचल अधिकारी (CO) रामप्रवेश कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में भूली थाने की पुलिस भी मौजूद रही। पूरी टीम ने इलाके में जमीन की व्यवस्थित पैमाइश कर अवैध निर्माणों की विस्तृत सूची तैयार की है। अंचल अधिकारी ने बताया कि रांगाटांड़ से पांडरपाला तक जिस जमीन पर कब्जा पाया गया है, वह रेलवे की भूमि है। इस संबंध में उपायुक्त (DC) के माध्यम से रेलवे अधिकारियों को पहले ही सूचित कर दिया गया है।
इन प्रमुख इलाकों में भी चलेगा अभियान
प्रशासन का यह अभियान केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रहेगा। शहरी क्षेत्र में जहां-जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध खटाल या अस्थायी निर्माण खड़े किए गए हैं, उन्हें खाली कराया जाएगा। अगले चरण में इन प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है:
लोको टैंक
डीएस कॉलोनी
बरमसिया पुल के आसपास का क्षेत्र
मनईटांड़
अंचल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी रूप में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां भी कब्जे की सूचना मिलेगी, वहां तुरंत मापी कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन मुक्त कराई जाएगी।
