UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चल रही सियासी हलचल अब लगभग खत्म हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीसरा प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है। इसके साथ ही राज्यसभा चुनाव में मुकाबले की संभावना समाप्त हो गई और 10 सीटों पर 10 उम्मीदवार रह गए हैं।
अखिलेश यादव ने दिया बड़ा संकेत
तीसरे उम्मीदवार को लेकर कई दिनों से सस्पेंस बना हुआ था। अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना रुख साफ किया। उन्होंने लिखा कि अब पार्टी का फोकस तीन राज्यसभा सीटों पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर है। इसके बाद यह साफ हो गया कि सपा तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारेगी।
सपा की ओर से पहले ही वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नाथवानी ने नामांकन दाखिल कर दिया था।
BJP के 8, SP के 2 उम्मीदवार जाएंगे संसद
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए बीजेपी ने आठ उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि सपा के दो उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन पत्रों की जांच के बाद दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज हो गए, जिसके बाद कुल वैध उम्मीदवारों की संख्या 10 रह गई। यानी 10 सीटों के लिए 10 ही उम्मीदवार हैं।
बीजेपी के उम्मीदवारों में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रमुख प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्या सागर सोनकर, प्रियंका रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं। वहीं सपा से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी उम्मीदवार हैं।
राज्यसभा चुनाव में हो सकता है खेला
राज्यसभा चुनाव में मुकाबला टलने के साथ ही दोनों प्रमुख दलों का ध्यान अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 पर केंद्रित है। अखिलेश यादव के 403 सीटों वाले बयान ने भी इसी दिशा का संकेत दिया है।
हालांकि औपचारिक रूप से निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर के बाद पूरी होगी। यदि कोई उम्मीदवार नाम वापस नहीं लेता है, तो सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जाएंगे।
