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पितृ पक्ष पर CM योगी की ‘पाती’, औरंगजेब-शाहजहां के प्रसंग से बताया पूर्वजों के सम्मान का महत्व

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पितृ पक्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम अपनी विशेष ‘पाती’ लिखी। इसमें उन्होंने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता, परिवार के बुजुर्गों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने पितृ पक्ष को केवल परंपरा नहीं, बल्कि अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि बताया।

शाहजहां-औरंगजेब का प्रसंग सुनाया

मुख्यमंत्री योगी ने अपने संदेश में आगरा किले से जुड़े शाहजहां और औरंगजेब के प्रसंग का उल्लेख किया। उनके अनुसार, आगरा किले में अपने पुत्र औरंगजेब की कैद में रह रहे शाहजहां ने पानी के लिए व्यग्र होकर उसे पत्र लिखा था। योगी ने बताया कि इस पत्र में सनातन परंपरा का उल्लेख किया गया था, जिसमें दिवंगत पूर्वजों को भी जल अर्पित करने की परंपरा है।

जीवित पिता के सम्मान का संदेश

योगी आदित्यनाथ ने इस प्रसंग को पूर्वजों और परिवार के बुजुर्गों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि पितृ पक्ष हमें अपने पूर्वजों के तप, त्याग और योगदान को याद करने का अवसर देता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि बुजुर्गों का सम्मान केवल परंपरा के तौर पर नहीं, बल्कि अपने आचरण का हिस्सा बनाया जाए।

विरासत को आगे बढ़ाने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली पीढ़ियों से मिली विरासत को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को उससे अधिक समृद्ध विरासत सौंपना समाज की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, पूर्वजों से मिले संस्कार और अनुभव परिवार को जोड़ने के साथ समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी भूमिका निभाते हैं।

27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पितृ पक्ष

इस वर्ष पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा। इस अवधि में लोग अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं, श्राद्ध और तर्पण जैसे धार्मिक कर्म करते हैं तथा उनके प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने इसी परंपरा को वर्तमान पीढ़ी के दायित्वों से जोड़ने का संदेश दिया।

स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी जोर

योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में केवल धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों का उल्लेख नहीं किया, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने लोगों से घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने, जलभराव रोकने तथा बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की।

संचारी रोग नियंत्रण अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 1 से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद 12 से 31 अक्टूबर तक ‘दस्तक’ अभियान भी संचालित होगा। उन्होंने लोगों से इन अभियानों में सहयोग करने और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।

स्वस्थ समाज का दिया संदेश

योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस नियंत्रण के अनुभव का उल्लेख करते हुए जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, जागरूकता और समय पर उपचार के जरिए गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। पितृ पक्ष के संदेश के माध्यम से उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के साथ स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया।