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अखिलेश की ‘मिलन’ अपील के बीच CM योगी से मिले तीन बागी विधायक, राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

CM Yogi Adityanath
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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की अपने पुराने साथियों से दोबारा जुड़ने की अपील के बीच तीन चर्चित विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद प्रदेश की सियासत में संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

तीन विधायकों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया। हालांकि, राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।

अखिलेश यादव ने की थी साथ आने की अपील

इससे पहले अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव को पुराने मतभेद भूलकर साथ आने का अवसर बताया था। उन्होंने कहा था कि जो साथी किसी वजह से अलग हो गए हैं और वापस आना चाहते हैं, उनके लिए समाजवादी पार्टी पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ने को तैयार है। उनके इस बयान के बाद पार्टी के बागी माने जाने वाले विधायकों की गतिविधियों पर नजर बढ़ गई थी।

मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

अखिलेश यादव की अपील के बाद इन तीन विधायकों की मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, केवल शिष्टाचार मुलाकात के आधार पर किसी विधायक के अगले राजनीतिक कदम को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फिलहाल इन मुलाकातों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।

राज्यसभा चुनाव का गणित अहम

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा-नीत गठबंधन सात सीटों और सपा दो सीटों पर मजबूत स्थिति में बताई जा रही है। दसवीं सीट को लेकर मुकाबले की संभावना ने चुनाव को खासा महत्वपूर्ण बना दिया है।

तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी चर्चा

सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवाणी को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी कई दिनों तक चर्चा रही। हालांकि, 6 अक्टूबर को अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इसके साथ ही तीसरी सीट के लिए संभावित वोट जुटाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया।

बागी विधायकों की भूमिका पर नजर

राज्यसभा चुनाव में विधायकों का मतदान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सपा से दूरी बनाए हुए विधायकों और अन्य दलों के विधायकों की भूमिका पर सभी दलों की नजर है। इससे पहले भी अखिलेश यादव ने दावा किया था कि कुछ लोग वापस आना चाहते हैं। दूसरी ओर, कुछ रिपोर्टों में गठबंधन के विधायकों के संभावित क्रॉस-वोटिंग को लेकर भी चर्चा सामने आई है।

2027 से पहले बढ़ी सियासी सक्रियता

राज्यसभा चुनाव के साथ ही उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियां भी तेज हो चुकी हैं। ऐसे में नेताओं की मुलाकातें, दलों के बीच संभावित समीकरण और विधायकों की भूमिका पर चर्चा आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी से तीन विधायकों की मुलाकात ने अखिलेश यादव की ‘मिलन’ अपील के बीच नई राजनीतिक चर्चा जरूर शुरू कर दी है।