उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि वितरित की। मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के माध्यम से 4,60,559 विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148.04 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के जरिए भेजी। इस मौके पर 11 विद्यार्थियों को मंच से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
आर्थिक परेशानी से पढ़ाई न रुके
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकार की छात्रवृत्ति व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इस चरण में कक्षा 9-10 और दशमोत्तर कक्षाओं के पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिला है।
ओबीसी और एससी छात्रों को सबसे अधिक राशि
वितरण में अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों को 60.01 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को 64.54 करोड़ रुपये दिए गए। इसके अलावा सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों को 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को 12.06 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति मिली।
डीबीटी से सीधे खातों में पहुंची रकम
छात्रवृत्ति वितरण को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया ऑनलाइन है और पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि सीधे भेजी जा रही है। आधार आधारित सत्यापन और बैंक खाते की जांच जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल भुगतान प्रक्रिया में किया जा रहा है।
पिछले वर्ष भी लाखों विद्यार्थियों को लाभ
सरकार के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया गया तथा 4,793 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई। सरकार का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के जरिए पात्र विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है।
ओपी राजभर पर सीएम योगी की टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि राजभर को छात्र जीवन में समय पर छात्रवृत्ति मिलती तो वह पढ़ाई में आगे बढ़ सकते थे और शायद राजनीति में नहीं आते। मुख्यमंत्री ने राजभर के संघर्ष और अलग-अलग काम करने के अनुभवों का भी उल्लेख किया। यह टिप्पणी मुख्यमंत्री के संबोधन का हिस्सा थी।
50 हजार बेटियों को स्कूटी देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अगले महीने 50 हजार बेटियों को स्कूटी देने की घोषणा भी की। इसके साथ ही उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेहनत और शिक्षा पर ध्यान देने का संदेश दिया। सरकार की ओर से कन्या सुमंगला योजना सहित छात्राओं और विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
शिक्षा को लेकर सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग शिक्षा और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए करने की अपील की।
