भारतीय टीम (Team India) के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उनके रेड-बॉल क्रिकेट करियर का 17 साल लंबा सफर समाप्त हो गया।
हालांकि, चहल ने साफ किया है कि क्रिकेट से उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। वह वनडे और टी20 क्रिकेट में खेलना जारी रखना चाहते हैं और भारतीय टीम में वापसी के लिए प्रयास करते रहेंगे।
Yuzvendra Chahal ने लॉर्ड्स में खेला आखिरी फर्स्ट-क्लास मुकाबला
चहल ने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मुकाबला इंग्लैंड में नॉर्थम्पटनशायर की ओर से लॉर्ड्स में खेला। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। चहल ने 2009 में हरियाणा के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था। अपने करियर में उन्होंने 49 फर्स्ट-क्लास मैच खेले और 148 विकेट हासिल किए। उनका गेंदबाजी औसत 32.27 रहा।
2026 के काउंटी सीजन में भी चहल ने नॉर्थम्पटनशायर के लिए प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने पांच मैचों में 21 विकेट लिए और 16.14 की औसत से गेंदबाजी की। लॉर्ड्स में खेले गए आखिरी मुकाबले के बाद उन्होंने अपने रेड-बॉल सफर को विराम देने का फैसला किया।
Yuzvendra Chahal का टेस्ट खेलने का सपना नहीं हुआ पूरा
चहल ने अपने संन्यास संदेश में बताया कि रेड-बॉल क्रिकेट उनके लिए महज एक फॉर्मेट नहीं था। इसी क्रिकेट ने उन्हें धैर्य और संघर्ष करना सिखाया। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना उनका लंबे समय से सपना था, लेकिन उन्हें कभी टेस्ट कैप पहनने का मौका नहीं मिला।
चहल ने सोशल मीडिया पोस्ट में भावुक होकर अपने रेड-बॉल सफर से जुड़ी यादों को साझा किया और हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन समेत उन लोगों का आभार जताया, जिन्होंने उनके करियर में सहयोग किया।
‘मैं अभी खत्म नहीं हुआ हूं’: Yuzvendra Chahal
रेड-बॉल क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद चहल ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि
“देश के लिए खेलने की भूख अभी भी बरकरार है और वह वनडे तथा टी20 फॉर्मेट में एक और मौका हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।”
चहल ने भारत के लिए 72 वनडे में 121 और 80 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 96 विकेट लिए हैं। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल था। अब रेड-बॉल अध्याय समाप्त होने के बाद उनका फोकस सीमित ओवरों के क्रिकेट पर रहेगा।
