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CM योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को दिए वीरता पदक, 87 हाईटेक इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी

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लखनऊ के लोकभवन में गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वीरता पदक प्रदान किए। कार्यक्रम में पुलिस आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम भी सामने आए।

26 पुलिसकर्मियों को वीरता सम्मान

कार्यक्रम में 16 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक और 10 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक दिए गए। मुख्यमंत्री ने सम्मानित पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की। यह सम्मान पुलिस सेवा में जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।

शहीद इंस्पेक्टर सुनील की पत्नी का सम्मान

कार्यक्रम में शहीद एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें नकद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट किया। सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान साहसिक भूमिका निभाई थी और बाद में कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिए जाने की घोषणा 2026 में की गई थी।

87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान 87 नए इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें 25 चार पहिया और 62 दो पहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों में स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर, टिंट मीटर और डेसिबल मीटर जैसे उपकरण लगाए गए हैं। इनका इस्तेमाल तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग, प्रेशर हॉर्न और अन्य यातायात उल्लंघनों की निगरानी में किया जाएगा।

इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या बढ़ी

नए वाहनों के शामिल होने के बाद प्रदेश में इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या 172 हो गई है। इनमें 35 चार पहिया और 137 दो पहिया वाहन शामिल हैं। सरकार के मुताबिक इन संसाधनों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की निगरानी को मजबूत करना है।

दुर्घटना वाले क्षेत्रों पर निगरानी

कार्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चल रही व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत प्रदेश के 75 जिलों के 700 अधिक दुर्घटना वाले थाना क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात हैं। इन टीमों द्वारा ब्लैक स्पॉट और महत्वपूर्ण मार्गों पर निगरानी की जा रही है।

पुलिस सुधारों पर ‘संघर्ष’ का विमोचन

मुख्यमंत्री ने पूर्व उत्तर प्रदेश डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया। पुस्तक में पुलिस सेवा और पुलिस सुधारों से जुड़े अनुभवों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में प्रकाश सिंह के पुलिस सुधार संबंधी योगदान का भी उल्लेख हुआ।

कानून-व्यवस्था पर सीएम योगी का बयान

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि उस समय माफिया का प्रभाव था और पुलिस के सामने चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान पुलिस व्यवस्था में तकनीक, प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों के इस्तेमाल को भी रेखांकित किया। ये बातें मुख्यमंत्री के राजनीतिक दावे और उनके संबोधन का हिस्सा थीं।