उत्तर प्रदेश भाजपा के नवनियुक्त सह-प्रभारी अनंत ओझा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, ओझा ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भाजपा ने उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक स्तर पर नई जिम्मेदारियां तय की हैं और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज हैं।
यूपी भाजपा में मिली नई जिम्मेदारी
भाजपा ने सितंबर में अनंत ओझा को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया था। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी और प्रदीप वर्मा को भी सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।
संगठनात्मक भूमिका पर फोकस
अनंत ओझा को उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने से जुड़ी जिम्मेदारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें विशेष रूप से ब्राह्मण मतदाताओं के बीच संगठनात्मक संपर्क मजबूत करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस मुलाकात के विस्तृत एजेंडे की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
2027 चुनाव की तैयारियां तेज
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में प्रस्तावित है। इसी को देखते हुए भाजपा संगठन में नई नियुक्तियों के बाद बैठकों का दौर शुरू हो गया है। हालिया बैठक में प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने सह-प्रभारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा की।
क्षेत्रवार रणनीति बनाने पर चर्चा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा की हालिया संगठनात्मक बैठक में क्षेत्रवार रणनीति तैयार करने और संगठन की कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया। मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने तथा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संपर्क बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।
चुनावी तैयारियों के साथ अन्य चुनावों पर नजर
भाजपा की बैठकों में आगामी राज्यसभा और एमएलसी चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव प्रस्तावित है, जबकि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 एमएलसी सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है।
अनंत ओझा का संगठनात्मक अनुभव
अनंत ओझा झारखंड भाजपा से जुड़े रहे हैं और राजमहल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं। भाजपा के संगठनात्मक काम में उनका लंबा अनुभव रहा है। पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी है।
सीएम योगी के साथ बैठक का संदर्भ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद ओझा ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनने का दावा किया। यह उनका राजनीतिक आकलन और पार्टी की ओर से व्यक्त किया गया दावा है; चुनावी परिणाम के बारे में स्वतंत्र निष्कर्ष इस समय नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने प्रदेश में निवेश, कानून-व्यवस्था और सरकार के कामकाज का भी उल्लेख किया।
